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तीन दिन से लापता मजदूर का शव ट्रैक पर मिला
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Wed, 20 Jul 2016 10:46 PM IST
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प्रतीकात्मक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तीन दिन से लापता मजदूर का शव बुधवार को रेलवे ट्रैक पर मिला। जानकारी होते ही गांव में हड़कंप मच गया। घटनास्थल पहुंचे ग्रामीणों व परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी शिनाख्त की। परिजनों के अनुसार, उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। पुलिस ने ट्रेन की चपेट में आने से मौत होने की बात कही है।
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कोतवाली क्षेत्र का रेंहुटिया निवासी सुखदेव (40) पुत्र लखना दो भाइयों में बड़ा था। रविवार सुबह घर से निकलने के बाद लौटा नहीं। परिजनों ने आसपास रहने वालों व रिश्तेदारों के घर जानकारी की। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। बुधवार सुबह गांव के पास रेलवे क्रासिंग से करीब 150 मीटर आगे मानिकपुर की ओर ट्रैक पर कटा शव मिला।
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शौच क्रिया को निकले लोगों ने शव देख गांव में जानकारी दी, तो हड़कंप मच गया। शव क्षतविक्षत होने से उसकी पहचान नहीं हुई। बाद में परिजनों के साथ मौके पर पहुंची पत्नी प्रेमिया देवी आदि ने कपड़ों से उसकी शिनाख्त की। जानकारी होते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव पटरी से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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मानसिक संतुलन सही नहीं था
चित्रकूट। मृतक के चार पुत्र व एक पुत्री है। उसके चचेरे भाई रामबाबू ने बताया कि तीन साल पहले सुखदेव के पिता की मौत बीमारी से हुई थी। जिसका सदमा उसे लगा और इसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। कई बार घर से बिना बताए वह रिश्तेदारों के यहां चला जाता था।
इस बार भी उसके तीन दिन तक न मिलने पर सभी आशांवित थे कि वह खुद आ जाएगा। संभावना है कि पटरी पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। कोतवाल सत्यपाल सिंह ने बताया कि परिजनों ने मृतक के गायब होने की कोई सूचना कोतवाली में नहीं दी थी।