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Chitrakoot News: चित्रकूटः मेघदूत व दामिनी एप बताएगा मौसम का रुख
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चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान के तुलसी कृषि विज्ञान केंद्र गनीवा में ग्रामीण कृषि सेवा मौसम इकाई परियोजना के अंतर्गत गोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मौसम की जानकारी करने के बाद ही खेती करने की सलाह दी। साथ ही मौसम की सटीक जानकारी के लिए किसानों को मेघदूत व दामिनी मोबाइल एप का प्रयोग करने की सलाह दी गई।
मौसम वैज्ञानिक डा. मनोज शर्मा ने कहा कि मौसम का तेजी से बदलता रुख इस बात का संकेत है कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। जिसके कारण कृषि के क्षेत्र मेें प्रतिवर्ष कई बार किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों के सामने खेतीबाड़ी की चुनौती खड़ी हो गई है। इसी समस्या को देखते हुए गनीवा कृषि केंद्र में जिला कृषि मौसम इकाई की स्थापना की गई है।
किसानों को मौसम के पूर्वानुमान की सटीक जानकारी दी जा सके इसके लिए केंद्र की स्थापना की गई है। किसान अपने मोबाइल पर मेघदूत व दामिनी मोबाइल एप का प्रयोग कर मौसम संबंधी जानकारी ले सकते हैं।
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वैज्ञानिक ममता त्रिपाठी ने कहा कि पानी का संरक्षण व खेत के अवशेष न जलाने पर काफी हद तक मौसम को खेती के अनुकूल किया जा सकता है। सतीश पाठक ने कहा कहा कि मौसम के अनुसार ही खेती करना चाहिए। इसके लिए मौसम वैज्ञानिकों से जानकारी लेते रहना चाहिए। इस मौके पर मौसम पर्यवेक्षक अंकुर त्रिपाठी, पुष्पेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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मौसम वैज्ञानिक डा. मनोज शर्मा ने कहा कि मौसम का तेजी से बदलता रुख इस बात का संकेत है कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। जिसके कारण कृषि के क्षेत्र मेें प्रतिवर्ष कई बार किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों के सामने खेतीबाड़ी की चुनौती खड़ी हो गई है। इसी समस्या को देखते हुए गनीवा कृषि केंद्र में जिला कृषि मौसम इकाई की स्थापना की गई है।
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किसानों को मौसम के पूर्वानुमान की सटीक जानकारी दी जा सके इसके लिए केंद्र की स्थापना की गई है। किसान अपने मोबाइल पर मेघदूत व दामिनी मोबाइल एप का प्रयोग कर मौसम संबंधी जानकारी ले सकते हैं।
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वैज्ञानिक ममता त्रिपाठी ने कहा कि पानी का संरक्षण व खेत के अवशेष न जलाने पर काफी हद तक मौसम को खेती के अनुकूल किया जा सकता है। सतीश पाठक ने कहा कहा कि मौसम के अनुसार ही खेती करना चाहिए। इसके लिए मौसम वैज्ञानिकों से जानकारी लेते रहना चाहिए। इस मौके पर मौसम पर्यवेक्षक अंकुर त्रिपाठी, पुष्पेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।