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Chitrakoot News: मंदाकिनी की बाढ़ उतरी, कीचड़ से जूझे श्रद्धालु
Sat, 22 Aug 2026 11:02 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 22 Aug 2026 11:02 PM IST
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फोटो 22 सीकेटीपी 04 बाढ़ उतरने के बाद रामघाट पर कीचड़, फूल खरीदते श्रद्धालु। संवाद
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चित्रकूट। दो दिन तक बाढ़ के बाद मंदाकिनी का जलस्तर घट गया है। इससे रामघाट पर फिर से श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं।
उधर, बाढ़ उतरने से रास्ते कीचड़ और गंदगी से भर गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। हालांकि बाढ़ खत्म होने के बाद पालिका के कर्मचारी घाटों की सफाई में जुटे हैं।
मध्य प्रदेश इलाके में मूसलाधार वर्षा से मंदाकिनी उफान पर आ गई थी। बीस अगस्त को मंदाकिनी ने अपना रौद्र रूप धारण कर रामघाट को डूबो दिया था। तलहटी के मंदिर-मठ व करीब दो सौ से ज्यादा दुकानें भी बाढ़ में डूब गई थीं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। शुक्रवार दोपहर बाद से राहत दिखी। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच पानी में कमी आनी शुरू हुई।
उधर, बाढ़ सिमटने के बाद सीढ़ियों पर कीचड़ जमा है। इसी कीचड़ के बीच शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। कई श्रद्धालु फिसलते-संभलते नजर आए। फतेहपुर से राहुल दर्शन करने आए थे, गंदगी देख वह मनमसोस कर रह गए। बांदा की रामदेवी कहती है कि गंदगी होने से स्नान करने के बजाए सिर्फ आचमन से संतोष करना पड़ा।
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उधर, पालिका ईओ लालजी के निर्देश पर एसआई कमलाकांत शुक्ला के नेतृत्व में सफाई नायक वीरू और सफाई कर्मियों की टीम ने सफाई अभियान चलाया l पंपिंग सेट चलाकर पाइप से कीचड़ की धुलाई शुरू की। दुकानदारों ने भी अपनी दुकान की सफाई कर धुलाई की।
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फूल-माला कारोबारियों पर मार
चित्रकूट। बाढ़ की मार रामघाट के फूल-माला व्यापारियों पर पड़ी है। दुकानदार अर्जुन सैनी ने बताया कि बाढ़ से पिछले कई दिनों से दुकान बंद है। पानी उतर भी गया तो भी एक दिन बाद ही व्यापार पटरी पर आएगा। व्यापारी पुरुषोत्तम सैनी बोले कि साल भर की कमाई इसी महीने में होती है लेकिन इस बार बाढ़ ने सारा गणित बिगाड़ दिया। कई दिनों से बड़ा नुकसान हो रहा है। (संवाद)
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उधर, बाढ़ उतरने से रास्ते कीचड़ और गंदगी से भर गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। हालांकि बाढ़ खत्म होने के बाद पालिका के कर्मचारी घाटों की सफाई में जुटे हैं।
मध्य प्रदेश इलाके में मूसलाधार वर्षा से मंदाकिनी उफान पर आ गई थी। बीस अगस्त को मंदाकिनी ने अपना रौद्र रूप धारण कर रामघाट को डूबो दिया था। तलहटी के मंदिर-मठ व करीब दो सौ से ज्यादा दुकानें भी बाढ़ में डूब गई थीं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। शुक्रवार दोपहर बाद से राहत दिखी। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच पानी में कमी आनी शुरू हुई।
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उधर, बाढ़ सिमटने के बाद सीढ़ियों पर कीचड़ जमा है। इसी कीचड़ के बीच शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। कई श्रद्धालु फिसलते-संभलते नजर आए। फतेहपुर से राहुल दर्शन करने आए थे, गंदगी देख वह मनमसोस कर रह गए। बांदा की रामदेवी कहती है कि गंदगी होने से स्नान करने के बजाए सिर्फ आचमन से संतोष करना पड़ा।
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उधर, पालिका ईओ लालजी के निर्देश पर एसआई कमलाकांत शुक्ला के नेतृत्व में सफाई नायक वीरू और सफाई कर्मियों की टीम ने सफाई अभियान चलाया l पंपिंग सेट चलाकर पाइप से कीचड़ की धुलाई शुरू की। दुकानदारों ने भी अपनी दुकान की सफाई कर धुलाई की।
फूल-माला कारोबारियों पर मार
चित्रकूट। बाढ़ की मार रामघाट के फूल-माला व्यापारियों पर पड़ी है। दुकानदार अर्जुन सैनी ने बताया कि बाढ़ से पिछले कई दिनों से दुकान बंद है। पानी उतर भी गया तो भी एक दिन बाद ही व्यापार पटरी पर आएगा। व्यापारी पुरुषोत्तम सैनी बोले कि साल भर की कमाई इसी महीने में होती है लेकिन इस बार बाढ़ ने सारा गणित बिगाड़ दिया। कई दिनों से बड़ा नुकसान हो रहा है। (संवाद)

फोटो 22 सीकेटीपी 04 बाढ़ उतरने के बाद रामघाट पर कीचड़, फूल खरीदते श्रद्धालु। संवाद