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बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त
बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त
Updated Sun, 12 Aug 2018 10:46 PM IST
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- फोटो : amarujala
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले के शहर सहित कई स्थानों पर रविवार की सुबह हुई झमाझम बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। प्रमुख मार्ग सहित कई गलियों में पानी भर जाने से परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवारी अमावस्या मेें आए श्रद्धालु भी परेशान रहे। बारिश होने से धान की फसल को अधिक लाभ बताया जा रहा है।
जिले में रविवार की सुबह लगातार दो घंटे बारिश शहर सहित कई स्थानों पर होने व दिन भर बूंदाबांदी होने से जनजीवन पर असर पड़ा है। राष्ट्रीय राजामार्ग झांसी-मिर्जापर का निर्माण कार्य चल रहा है। साथ ही धर्मनगरी के लिए जाने वाली बेड़ी पुलिया सीतापुर मार्ग सहित अन्य मार्गों भी उखड़े पडे़ हैं। जहां गड्ढों में कई स्थानों पर जलभराव होने से आने जाने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की गलियों में पानी भर जाने से जगह- जगह कीचड़ भरा हुआ है। जहां से निकलना मुश्किल हो रहा है।
शनिवारी अमावस्या में आए लाखों श्रद्धालु रविवार को भी धर्मनगरी में रूके रहे। रात को व सुबह बारिश होने से बारिश से बचने के लिए मंदिरों व धर्मशाला परिसर के अंदर रूक कर बारिश से बचाव किया। किसान राजेश तिवारी, राहित सिंह, राजू द्विवेदी आदि ने बताया कि यह पानी धान की खेती के लिए बहुत लाभदायक है।
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चित्रकूट। जिले के शहर सहित कई स्थानों पर रविवार की सुबह हुई झमाझम बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। प्रमुख मार्ग सहित कई गलियों में पानी भर जाने से परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवारी अमावस्या मेें आए श्रद्धालु भी परेशान रहे। बारिश होने से धान की फसल को अधिक लाभ बताया जा रहा है।
जिले में रविवार की सुबह लगातार दो घंटे बारिश शहर सहित कई स्थानों पर होने व दिन भर बूंदाबांदी होने से जनजीवन पर असर पड़ा है। राष्ट्रीय राजामार्ग झांसी-मिर्जापर का निर्माण कार्य चल रहा है। साथ ही धर्मनगरी के लिए जाने वाली बेड़ी पुलिया सीतापुर मार्ग सहित अन्य मार्गों भी उखड़े पडे़ हैं। जहां गड्ढों में कई स्थानों पर जलभराव होने से आने जाने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की गलियों में पानी भर जाने से जगह- जगह कीचड़ भरा हुआ है। जहां से निकलना मुश्किल हो रहा है।
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शनिवारी अमावस्या में आए लाखों श्रद्धालु रविवार को भी धर्मनगरी में रूके रहे। रात को व सुबह बारिश होने से बारिश से बचने के लिए मंदिरों व धर्मशाला परिसर के अंदर रूक कर बारिश से बचाव किया। किसान राजेश तिवारी, राहित सिंह, राजू द्विवेदी आदि ने बताया कि यह पानी धान की खेती के लिए बहुत लाभदायक है।
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