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बांके सिद्ध तीर्थ स्थल में सुविधाओं का अभाव
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फोटो-1- शहर के पास पहाड़ पर स्थित बांके सिद्घ मंदिर। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। शहर से सटे सिद्धपुर गांव के पास स्थित प्राचीन बांके सिद्ध तीर्थ स्थल में सुविधाओं का अभाव है। मार्ग भी अधूरा है।
देवांगनाघाटी के पहाड़ में स्थित प्राचीन बांके सिद्ध तीर्थ स्थल में भगवान हनुमान सहित कई देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। गुफा में शैल चित्र भी बने हैं। इस स्थान को स्वामी गोमती दास की तपोस्थली भी कहा जाता है। इनकी भी मूर्ति स्थापित है। गुफा के अंदर पक्के कमरे हैं। यहां साधु-संत रहते हैं। इस स्थान के आसपास जंगल होने के साथ ऊंचे-ऊंचे पहाड़ हैं। यह स्थान मुख्यालय से लगभग पांच किमी होने के कारण पर्यटकों के लिए सुगम हैं।
सिद्धपुर गांव से डामरीकृत मार्ग बनने के बाद भी चार सौ मीटर कच्चा रास्ता है। पुजारी ने बताया कि भगवान श्रीराम चित्रकूट आए थे तो संत बांके को आशीर्वाद दिया था। इसके बाद से ही यहां का नाम बांके सिद्ध पड़ गया। जिससे यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। जिला पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने बताया कि बांके सिद्ध तीर्थ स्थान के सुंदरीकरण के लिए योजना बनाई जाएगी।
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, समाजसेवी शानू गुप्ता और रामबाबू गुप्ता ने मार्ग को पूरा करने, सीढ़ियों की मरम्मत, टिनशेड का निर्माण, पेयजल की व्यवस्था की मांग की है।
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देवांगनाघाटी के पहाड़ में स्थित प्राचीन बांके सिद्ध तीर्थ स्थल में भगवान हनुमान सहित कई देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। गुफा में शैल चित्र भी बने हैं। इस स्थान को स्वामी गोमती दास की तपोस्थली भी कहा जाता है। इनकी भी मूर्ति स्थापित है। गुफा के अंदर पक्के कमरे हैं। यहां साधु-संत रहते हैं। इस स्थान के आसपास जंगल होने के साथ ऊंचे-ऊंचे पहाड़ हैं। यह स्थान मुख्यालय से लगभग पांच किमी होने के कारण पर्यटकों के लिए सुगम हैं।
सिद्धपुर गांव से डामरीकृत मार्ग बनने के बाद भी चार सौ मीटर कच्चा रास्ता है। पुजारी ने बताया कि भगवान श्रीराम चित्रकूट आए थे तो संत बांके को आशीर्वाद दिया था। इसके बाद से ही यहां का नाम बांके सिद्ध पड़ गया। जिससे यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। जिला पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने बताया कि बांके सिद्ध तीर्थ स्थान के सुंदरीकरण के लिए योजना बनाई जाएगी।
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बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, समाजसेवी शानू गुप्ता और रामबाबू गुप्ता ने मार्ग को पूरा करने, सीढ़ियों की मरम्मत, टिनशेड का निर्माण, पेयजल की व्यवस्था की मांग की है।
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