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किशोरियों से मजदूरी के बदले यौन शोषण के आरोप में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने की जांच
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भरतकूप में जांच करने पहुंची राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम।
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट/भरतकूप। भरतकूप इलाके के आसपास के गांवों की पत्थर खदानों में काम करने वाली किशोरियों से मजदूरी के बदले यौन शोषण के आरोप में शुक्रवार को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने जांच पड़ताल की। टीम में शामिल डॉ. शुचिता चतुर्वेदी, डॉ. नीता साहू व जया सिंह दोपहर को पीड़ितों की बस्ती में पहुंचीं। महिलाओं और किशोरियों से लगभग दो घंटे तक पूछताछ की। समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली। ऑडियो-वीडियो फुटेज का मिलान किया गया। टीम सदस्यों ने बताया कि स्थानीय भाषा समझने में दिक्कत आई है।
टीम सदस्य पीड़ित परिवारों से वार्ता के बाद मीडिया से रूबरू हुए। कहा कि अभी इस मामले मेें कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। प्रथम दृष्टया प्रशासन की भूमिका संदिग्ध नहीं है। समिति का गठन कर जांच कराई जा रही है। मौके पर अधिकारी पहुुंचे हैं। फिर भी जांच हो रही है। प्रशासन की रिपोर्ट मिलाकर राष्ट्रीय बाल आयोग की कमेटी को भेजी जाएगी। टीम सदस्यों ने बताया कि स्थानीय भाषा का अर्थ समझ में नहीं आया है। इस बारे में अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। वीडियो की आवाज और फोटो का मिलान किया गया। लॉकडाउन के चलते टीम को फिलहाल लखनऊ जाना होगा। एक सप्ताह के अंदर टीम दोबारा जांच पड़ताल कर सकती है।
टीम के सदस्यों ने स्थानीय समस्याओं को लेकर जिला श्रम अधिकारी दुष्यंत कुमार, खनिज अधिकारी सनी कौशल और लेखपाल जगन्नाथ सिंह को समस्याओं का निराकरण करने के निर्र्देश दिए।
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टीम सदस्य पीड़ित परिवारों से वार्ता के बाद मीडिया से रूबरू हुए। कहा कि अभी इस मामले मेें कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। प्रथम दृष्टया प्रशासन की भूमिका संदिग्ध नहीं है। समिति का गठन कर जांच कराई जा रही है। मौके पर अधिकारी पहुुंचे हैं। फिर भी जांच हो रही है। प्रशासन की रिपोर्ट मिलाकर राष्ट्रीय बाल आयोग की कमेटी को भेजी जाएगी। टीम सदस्यों ने बताया कि स्थानीय भाषा का अर्थ समझ में नहीं आया है। इस बारे में अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। वीडियो की आवाज और फोटो का मिलान किया गया। लॉकडाउन के चलते टीम को फिलहाल लखनऊ जाना होगा। एक सप्ताह के अंदर टीम दोबारा जांच पड़ताल कर सकती है।
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टीम के सदस्यों ने स्थानीय समस्याओं को लेकर जिला श्रम अधिकारी दुष्यंत कुमार, खनिज अधिकारी सनी कौशल और लेखपाल जगन्नाथ सिंह को समस्याओं का निराकरण करने के निर्र्देश दिए।
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