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Chitrakoot News: 11 साल से अधूरा खोह ओवरब्रिज, जाम में घुट रहा चित्रकूट

Tue, 07 Apr 2026 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Tue, 07 Apr 2026 11:52 PM IST
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Khoh Overbridge incomplete for 11 years, Chitrakoot choking in traffic jam
फोटो 07 सीकेटीपी-15-खोह क्रासिंग के पास अधूरा ओवरब्रिज व क्रॉसिंग पर जाम में फंसे वाहन। संवाद
चित्रकूट। झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर खोह गांव के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पिछले 11 वर्षों से अधूरा है। इससे प्रतिदिन हजारों राहगीरों और स्थानीय लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। मानिकपुर-बांदा रेलवे लाइन पर स्थित इस क्रॉसिंग से ट्रेनों के अधिक आवागमन के कारण फाटक दिन में कई बार खुलता और बंद होता है, जिससे तीन से चार हजार वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
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स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर जिला प्रशासन ने करीब 22 करोड़ रुपये से ओवरब्रिज का प्रस्ताव तैयार किया था। मंजूरी मिलने के बाद वर्ष 2015 में निर्माण कार्य शुरू भी हो गया था। शुरुआती दौर में तेजी दिखाते हुए फाउंडेशन तैयार किए गए, पिलर खड़े कर स्लैब भी डाल दी गई लेकिन इसके बाद काम रुक गया। ओवरब्रिज निर्माण में सबसे बड़ी बाधा जमीन अधिग्रहण और मुआवजा विवाद बना। कुछ काश्तकार और भवन स्वामी अदालत पहुंच गए, इससे मामला वर्षों तक उलझा रहा।
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विवाद सुलझने के बाद एक और तकनीकी समस्या सामने आई रेलवे का विद्युतीकरण। जब ओवरब्रिज की डिजाइन तैयार हुई थी, तब रेलवे लाइन पर इलेक्ट्रिक लाइन नहीं थी लेकिन बाद में विद्युतीकरण हो जाने से पुरानी डिजाइन अनुपयोगी हो गई और काम ठप पड़ गया। लगातार बढ़ती अड़चनों और प्रशासनिक सुस्ती से यह परियोजना एक दशक से अधिक समय तक अधर में लटकी रही। हालांकि अब सभी प्रमुख बाधाएं दूर होने के बाद कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य फिर से शुरू करने की तैयारी कर ली थी।
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फिर से भूमि अधिग्रहण को लेकर कार्रवाई शुरू की तो काश्तकारों ने हाईकोर्ट का रास्ता अपनाया। इससे निर्माण फिर से रुका हुआ है। जबकि नई योजना से 897 मीटर लंबा और 15.40 मीटर चौड़ा ओवरब्रिज बनाया जाना है। इस संशोधित परियोजना की लागत बढ़कर लगभग 31 करोड़ रुपये हो गई है। निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने सीडीसी कंपनी को सौंपी है।




बोले जिम्मेदार



ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में भूमि को लेकर मामला अटका है। समाधान होने पर जल्द ही निर्माण कार्य तेज किया जाएगा, कुछ असामाजिक लोग काश्तकारों को भड़काकर काम में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। जिला प्रशासन के माध्यम से उनसे बात की जा रही है। जैसे ही भूमि अधिग्रहित होती है। तुरंत काम शुरू कराया जाएगा। -मृत्युंजय कुमार, अधिशासी अभियंता,लोक निर्माण विभाग।
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