{"_id":"57586b3a4f1c1b23379c553f","slug":"hinduism-teaches-not-hate-anyone","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसी से बैर नहीं सिखाता हिंदू धर्म ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसी से बैर नहीं सिखाता हिंदू धर्म
अमर उजाला चित्रकूट
Updated Thu, 09 Jun 2016 12:30 AM IST
विज्ञापन
संतों का सम्मान करने पहुंचे शहरवासी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामानुजाचार्य महाराज के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कांचीपुरम से साधू-संतों की टोली धर्मनगरी पहुंची। विश्व शांति के लिए निकली यह यात्रा भगवान कामतानाथ का पूजन के बाद शहर के रास्ते से गुजरी तो श्रद्धालुओं ने रोक कर स्वागत किया।
शहर के पुरानी बाजार में बजरंग आश्रम चैरिटेबिल ट्रस्ट के अध्यक्ष बालकृष्ण अग्रवाल के आवास पर कांचीपुरम के गादी महाराज व संतों की टोली ने विश्राम किया। इस दौरान महाराज ने बताया कि कांचीपुरम केे शंकराचार्य ने 11 मार्च को तिरूपतिबाला जी से यह यात्रा प्रारंभ हुई है। यह यात्रा विभिन्न धर्मस्थली होते हुए छह अगस्त को बालाजी में ही समाप्त होगी। इसका उद्देश्य विश्व शांति और धर्म का प्रचार करना है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म किसी से बैर करना नहीं सिखाता है।
सभी प्राणियों में सद्भावना की भावना जागृत करता है। इस दौरान बालकृष्ण व उनके परिजनों ने वेंकटशचार्य महाराज का श्रीफल और शाल देकर सम्मान किया। महाराज ने सभी को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर गोपाल कृष्ण अग्रवाल, श्रीकृष्ण अग्रवाल, अशोक श्रीवास्तव, गोविंद, पंकज अग्रवाल, अभिषेक मिश्रा, डा. अखिलेश श्रीवास्तव, उमेश, संतोष कसेरा और अयोध्या आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के पुरानी बाजार में बजरंग आश्रम चैरिटेबिल ट्रस्ट के अध्यक्ष बालकृष्ण अग्रवाल के आवास पर कांचीपुरम के गादी महाराज व संतों की टोली ने विश्राम किया। इस दौरान महाराज ने बताया कि कांचीपुरम केे शंकराचार्य ने 11 मार्च को तिरूपतिबाला जी से यह यात्रा प्रारंभ हुई है। यह यात्रा विभिन्न धर्मस्थली होते हुए छह अगस्त को बालाजी में ही समाप्त होगी। इसका उद्देश्य विश्व शांति और धर्म का प्रचार करना है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म किसी से बैर करना नहीं सिखाता है।
विज्ञापन
सभी प्राणियों में सद्भावना की भावना जागृत करता है। इस दौरान बालकृष्ण व उनके परिजनों ने वेंकटशचार्य महाराज का श्रीफल और शाल देकर सम्मान किया। महाराज ने सभी को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर गोपाल कृष्ण अग्रवाल, श्रीकृष्ण अग्रवाल, अशोक श्रीवास्तव, गोविंद, पंकज अग्रवाल, अभिषेक मिश्रा, डा. अखिलेश श्रीवास्तव, उमेश, संतोष कसेरा और अयोध्या आदि रहे।
विज्ञापन