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गुंता बांध जमीन मामलाः किसानों ने प्रदर्शन कर मांगा मुआवजा
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चित्रकूट। गुंता बांध निर्माण के दौरान किसानों की भूमि को अधिग्रहीत करने के बाद पूर्ण रूप से उचित मुआवजा न मिलने पर पीड़ित किसानों ने प्रभास महासंघ के लवलेश विराग की अगुवाई में मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन संपूर्ण समाधान दिवस पर एसडीएम को सौंप कर फ रियाद लगाई है।
मंगलवार को तहसील कर्वी परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री संबोधित सदर एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में रैपुरा गांव के ग्रामीण भोल्ली, राजकरन, सुरिजभान, रामशेखन, धर्मेंद्र सिंह, रामचंद्र भारती, रामस्वरूप, राजा, साधना, आनंद, ओमप्रकाश, भोली, रामकेश यादव आदि ने बताया कि गुंता बांध के निर्माण के दौरान जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहीत किया है। जिसका आज तक मुआवजा नहीं मिला। ऐसे में उनके साथ नाइंसाफ ी हुई है। किसानों की हालत दयनीय बनी है। अधिकांश लोग पलायन कर चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि गुंता बांध में उनकी जमीनें डूब गई। साथ ही अधिक जल स्तर बढ़ने के भय से किसानों ने जमीनें परती छोड़ दिया है। कहा कि महज घर बनाने को दूसरी जगह भूमि मुहैया कराने के अलावा कोई लाभ नहीं दिया गया है। अभी तक पूर्ण रूप से मुआवजा नहीं मिल सका। गुंता बांध से जुड़े किसान भुखमरी की कगार पर है। मांग किया कि डूब क्षेत्र में अधिग्रहीत की गई भूमि का सही मुआवजा दिलाया जाए।
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मंगलवार को तहसील कर्वी परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री संबोधित सदर एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में रैपुरा गांव के ग्रामीण भोल्ली, राजकरन, सुरिजभान, रामशेखन, धर्मेंद्र सिंह, रामचंद्र भारती, रामस्वरूप, राजा, साधना, आनंद, ओमप्रकाश, भोली, रामकेश यादव आदि ने बताया कि गुंता बांध के निर्माण के दौरान जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहीत किया है। जिसका आज तक मुआवजा नहीं मिला। ऐसे में उनके साथ नाइंसाफ ी हुई है। किसानों की हालत दयनीय बनी है। अधिकांश लोग पलायन कर चुके हैं।
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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि गुंता बांध में उनकी जमीनें डूब गई। साथ ही अधिक जल स्तर बढ़ने के भय से किसानों ने जमीनें परती छोड़ दिया है। कहा कि महज घर बनाने को दूसरी जगह भूमि मुहैया कराने के अलावा कोई लाभ नहीं दिया गया है। अभी तक पूर्ण रूप से मुआवजा नहीं मिल सका। गुंता बांध से जुड़े किसान भुखमरी की कगार पर है। मांग किया कि डूब क्षेत्र में अधिग्रहीत की गई भूमि का सही मुआवजा दिलाया जाए।
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