{"_id":"5ef3685c8ebc3e42fa48db18","slug":"gudmaar-leaf-send-to-other-city-from-chitrakoot-chitrakutt-news-knp5673099114","type":"story","status":"publish","title_hn":"चित्रकूटः बड़े पैमाने पर गुड़मार पत्ती भेजी, अवैध व्यापार की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चित्रकूटः बड़े पैमाने पर गुड़मार पत्ती भेजी, अवैध व्यापार की जरूरत
विज्ञापन
फोटो नंबर- 9- मानिकपुर रेलवे स्टेशन पर रखे गुडमार के पत्तों से भरे प्लास्टिक के बोरे
- फोटो : CHITRAKUTT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानिकपुर(चित्रकूट) कस्बे से बड़े पैमाने पर अवैध रूप गुड़मार पत्ती बुक होकर बनारस व कोलकत्ता भेजी जा रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि वन निगम के अधिकारियों की सांठगांठ से यह सब हो रहा है।
गुड़मार की पत्ती नियम यह है कि व्यापारियों को इस पत्ती को खरीद कर निगम को बेचना चाहिए लेकिन निगम व व्यापारी आपस में सांठगांठ कर व्यापारी खुद ही अवैध रूप से इसको खरीद कर फर्जी बिल वाउचर लगाकर मानिकपुर रेलवे स्टेशन से बुक करवा रहे हैं।
सैकड़ों बोरे गुड़मार की पत्ती आए दिन बड़े महानगरों के लिए भेजी जाती है। इससे निगम को प्रतिवर्ष लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। इन्हें बुक करके भेजने के लिए वन विभाग से टी पी लेना अनिवार्य होता है लेकिन यह व्यापारी बिना टी पी के रेलवे से सांठ-गांठ कर बड़े पैमाने पर इस माल को बाहर भेजते हैं।
विज्ञापन
व्यापारी इस पत्ती को बेचकर दिन प्रतिदिन मालामाल हो रहे हैं। वहीं, संबंधित अधिकारी अनजान बने हुए हैं। इस संबध में डीएलएम एसपी सिंहा ने बताया कि इसकी जानकारी नहीें है। संबधित क्षेत्र के अधिकारियों से पूछताछ कर इसमें रोक लगाई जाएगी।
विज्ञापन
गुड़मार की पत्ती नियम यह है कि व्यापारियों को इस पत्ती को खरीद कर निगम को बेचना चाहिए लेकिन निगम व व्यापारी आपस में सांठगांठ कर व्यापारी खुद ही अवैध रूप से इसको खरीद कर फर्जी बिल वाउचर लगाकर मानिकपुर रेलवे स्टेशन से बुक करवा रहे हैं।
विज्ञापन
सैकड़ों बोरे गुड़मार की पत्ती आए दिन बड़े महानगरों के लिए भेजी जाती है। इससे निगम को प्रतिवर्ष लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। इन्हें बुक करके भेजने के लिए वन विभाग से टी पी लेना अनिवार्य होता है लेकिन यह व्यापारी बिना टी पी के रेलवे से सांठ-गांठ कर बड़े पैमाने पर इस माल को बाहर भेजते हैं।
विज्ञापन
व्यापारी इस पत्ती को बेचकर दिन प्रतिदिन मालामाल हो रहे हैं। वहीं, संबंधित अधिकारी अनजान बने हुए हैं। इस संबध में डीएलएम एसपी सिंहा ने बताया कि इसकी जानकारी नहीें है। संबधित क्षेत्र के अधिकारियों से पूछताछ कर इसमें रोक लगाई जाएगी।