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गोदाम फुल होने से समय से नहीं हो रही धान की खरीद
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भीषण ठंड व सर्द हवाओं के बीच शहर के गल्ला मंडी स्थित धान खरीद केंद्र में खरीद के दौरान कार्य करते म
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। क्रय केंद्रों के गोदामों में जगह न होने से समय से धान की खरीद नहीं हो पा रही है। भीषण ठंड में किसान नंबर आने के इंतजार में केंद्रों में ही रात बिताने को मजबूर हैं। जिले में धान की खरीद के लिए शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों 15 केंद्र बनाए गए हैं। समय से धान की उठान न होने के कारण क्रय केंद्रों के गोदामों में जगह नहीं रह गई है।
वहीं बोरों की कमी के चलते भी केंद्र प्रभारी खुले आसमान के नीचे ही धान रख रहे हैं। जगह की समस्या के कारण समय से किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। धान बेचने के लिए किसानों को चार से पांच दिन तक नंबर लगाना पड़ता है।
सपहा के किसान मान सिंह, कसहाई के सुरेश पटेल व रगौली गांव के महेश पाल ने बताया कि वे शहर के गल्ला मंडी स्थित विपणन शाखा में धान बेचने के लिए आए हैं। बताया कि चार दिन हो गए हैं, अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। कहा जाता है कि गोदामों में जगह होने के बाद ही धान खरीदा जाएगा।
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विपणन शाखा के प्रभारी इसरार ने बताया कि जगह की समस्या के बाद भी धान खरीद कर केंद्र के बाहर रखते हैं। उसको ताकने के लिए रात में भी ड्यूटी करनी पड़ती है। किसान बिना नंबर के ही आ जाते हैं। गल्ला मंडी स्थित पीसीएफ केंद्र के प्रभारी बाबूलाल ने बताया कि 202 किसानों से नौ हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। इनमें से 145 किसानों का भुगतान कर दिया गया है।
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वहीं बोरों की कमी के चलते भी केंद्र प्रभारी खुले आसमान के नीचे ही धान रख रहे हैं। जगह की समस्या के कारण समय से किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। धान बेचने के लिए किसानों को चार से पांच दिन तक नंबर लगाना पड़ता है।
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सपहा के किसान मान सिंह, कसहाई के सुरेश पटेल व रगौली गांव के महेश पाल ने बताया कि वे शहर के गल्ला मंडी स्थित विपणन शाखा में धान बेचने के लिए आए हैं। बताया कि चार दिन हो गए हैं, अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। कहा जाता है कि गोदामों में जगह होने के बाद ही धान खरीदा जाएगा।
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विपणन शाखा के प्रभारी इसरार ने बताया कि जगह की समस्या के बाद भी धान खरीद कर केंद्र के बाहर रखते हैं। उसको ताकने के लिए रात में भी ड्यूटी करनी पड़ती है। किसान बिना नंबर के ही आ जाते हैं। गल्ला मंडी स्थित पीसीएफ केंद्र के प्रभारी बाबूलाल ने बताया कि 202 किसानों से नौ हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। इनमें से 145 किसानों का भुगतान कर दिया गया है।