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Chitrakoot News: औंझर बांध का गेट वाल्व धंसा, कई गांवों पर मंडराया खतरा
Mon, 26 Oct 2026 11:17 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:17 PM IST
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फोटो 26 सीकेटीपी 30 औंझर बांध धंसने की सूचना पर पहुंची पुलिस। संवाद
मऊ (चित्रकूट)। तहसील क्षेत्र के औंझर स्थित औंझा बांध का गेट वाल्व सोमवार सुबह अचानक धंस गया। इससे पानी बहने लगा और मौके पर हड़कंप मच गया। हालांकि जानकारी मिलने के बाद जिम्मेदारों ने क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मत शुरू कर दी है।
सुबह करीब पांच बजे ग्रामीण नित्य क्रिया के लिए बांध किनारे पहुंचे तो देखा कि बांध का गेट वाल्व धंस रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान को सूचना दी। प्रधान ने एसडीएम को जानकारी दी। एसडीएम मऊ राम ऋषि रमन और नायब तहसीलदार पारुल सिंह परिहार राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बांध को सुरक्षित रखने और पानी के बहाव को रोकने के लिए कर्मचारियों को कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। शाम तक धंसे हुए हिस्से को बंद करने के प्रयास जारी रहे। एसडीएम ने बताया कि रात तक मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा। बांध के टूटने पर कई गांव-मजरों को खतरा है। औंझर के मजरा किटहना, मिश्रा का डेरा, पाठक पुरवा, गामवू, नीबी, झगरहट, सुरजी का पुरवा सहित किनारे बसे कई गांवों को अधिक खतरा हो सकता है।
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औंझर गांव के प्रधान फूलचंद्र वर्मा ने बताया कि बारिश के समय भी बांध धंसा था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई थी, लेकिन ध्यान न देने पर ग्राम सभा से मरम्मत कराई गई थी। अगर मजबूती से निर्माण नहीं हुआ तो बांध कभी भी टूट सकता है। खतरे को भापते हुए बांध के पास बसे मजरा किटहना के लोगों लगभग 15 परिवारों ने गांव छोड कर जंगल की शरण ले ली है।
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सुबह करीब पांच बजे ग्रामीण नित्य क्रिया के लिए बांध किनारे पहुंचे तो देखा कि बांध का गेट वाल्व धंस रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान को सूचना दी। प्रधान ने एसडीएम को जानकारी दी। एसडीएम मऊ राम ऋषि रमन और नायब तहसीलदार पारुल सिंह परिहार राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने बांध को सुरक्षित रखने और पानी के बहाव को रोकने के लिए कर्मचारियों को कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। शाम तक धंसे हुए हिस्से को बंद करने के प्रयास जारी रहे। एसडीएम ने बताया कि रात तक मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा। बांध के टूटने पर कई गांव-मजरों को खतरा है। औंझर के मजरा किटहना, मिश्रा का डेरा, पाठक पुरवा, गामवू, नीबी, झगरहट, सुरजी का पुरवा सहित किनारे बसे कई गांवों को अधिक खतरा हो सकता है।
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औंझर गांव के प्रधान फूलचंद्र वर्मा ने बताया कि बारिश के समय भी बांध धंसा था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई थी, लेकिन ध्यान न देने पर ग्राम सभा से मरम्मत कराई गई थी। अगर मजबूती से निर्माण नहीं हुआ तो बांध कभी भी टूट सकता है। खतरे को भापते हुए बांध के पास बसे मजरा किटहना के लोगों लगभग 15 परिवारों ने गांव छोड कर जंगल की शरण ले ली है।