{"_id":"61267561627dc12ec144fe68","slug":"five-up-cops-sentenced-to-one-year-jail-in-chitrakoot","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: पांच सिपाहियों को एक-एक साल कारावास की सजा, 17 साल पहले का है मामला, जानें वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: पांच सिपाहियों को एक-एक साल कारावास की सजा, 17 साल पहले का है मामला, जानें वजह
Wed, 25 Aug 2021 10:22 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज़ एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज़ एजेंसी, चित्रकूट
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 25 Aug 2021 10:22 PM IST
सार
14 अक्टूबर 2003 को पुलिस वाहन से बांदा जेल से चित्रकूट न्यायालय में पेशी के लिए 16 बंदियों को लाया जा रहा था। चित्रकूट जिले की सीमा स्थली रसिन भरतकूप के पास अचानक वाहन से तीन बंदी कूद कर भाग गए थे। इस मामले में कर्वी कोतवाली के तत्कालीन एसएसआई श्याम नारायण सरोज ने हेड कांस्टेबल रामकुमार और टीकाराम समेत सिपाही राजेंद्र प्रसाद सुरेश कुमार और उदय नारायण के खिलाफ लापरवाही बरतने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अदालत में पेशी के लिए लाते समय पुलिस वाहन से तीन बंदियों के रास्ते में फरार होने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने दो हेड कांस्टेबल और तीन सिपाहियों को एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी सिपाहियों को 20-20 हजार रुपये की जमानत एक हफ्ते के अंदर जमा करने का आदेश हुआ है। मामला 17 साल पुराना है।
विज्ञापन
14 अक्टूबर 2003 को पुलिस वाहन से बांदा जेल से चित्रकूट न्यायालय में पेशी के लिए 16 बंदियों को लाया जा रहा था। चित्रकूट जिले की सीमा स्थली रसिन भरतकूप के पास अचानक वाहन से तीन बंदी कूद कर भाग गए थे। इस मामले में कर्वी कोतवाली के तत्कालीन एसएसआई श्याम नारायण सरोज ने हेड कांस्टेबल रामकुमार और टीकाराम समेत सिपाही राजेंद्र प्रसाद सुरेश कुमार और उदय नारायण के खिलाफ लापरवाही बरतने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
अभियोजन अधिकारी सिद्धार्थ आनंद ने बताया कि इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पांचों पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए एक एक साल साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन