चित्रकूट। इस्लामी कैलेंडर के रबी अव्वल माह की12 वीं तारीख को मोहम्मद साहब के जन्मदिवस पर बारावफात का पर्व मनाया गया। मुख्यालय समेत अन्य कस्बों की सड़कों पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इसमें मुस्लिम समाज के साथ ही हिंदू समाज से साधु-संत, समाजसेवी भी शामिल रहे। शाम को शहर में निकले जुलूस में शामिल लोगों ने इस पर्व का महत्व कुछ यूं बयां किया...दुनिया की हर फिजा में उजाला रसूल का, ये सारी कायनात सदका रसूल का। खुशबू-ए-गुलाब है पसीना रसूल का, सभी को मुबारक महीना रसूल का। रविवार को शहर सहित सीतापुर कस्बे में बारावफात के त्योहार में शहर के उटारखाने से मुस्लिमों ने शहर काजी सरफराज अहमद के नेतृत्व में जुलूस ए मोहम्मदी हाथो में झंडे लेकर निकाला गया। जो शहर के कजियाना मोहल्ला सहित पुरानी बाजार की अन्य गलियों में घूमा, जिसमें सलाउद्दीन हाफीज, सहजादे, शानू, फराज खान आदि मौजूद रहे। वहीं, सीतापुर कस्बे में भी मुस्लिमों ने जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला। धर्मनगरी के कामदगिरी प्रमुख द्वार के संत मदनदास सहित प्राचीन कामदगिरी के पुजारी भरत शरण दास, मत्यगेंद्रनाथ मंदिर के व्यवस्थापक विपिन तिवारी, बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, शामिल हुए। इस मौके पर पप्पू खान, अब्दुल, निजाम आदि मौजूद रहे। बारावफात पर कई स्थानों पर मुस्लिम समाज के समाजसेवियों ने गरीबों को खाना खिलाने के साथ ही वस्त्र भी बांटे।