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किसानों ने अन्ना मवेशियों को सामुदायिक भवन में किया बंद
किसानों ने अन्ना मवेशियों को सामुदायिक भवन में किया बंद
Updated Sun, 25 Nov 2018 10:25 PM IST
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- फोटो : Amarujala
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अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर। किसानों ने क्षेत्र में घूम रहे अन्ना मवेशियों को बराहमाफी गांव के सामुदायिक भवन परिसर में बंद कर दिया। चार घंटे तक मवेशी परिसर में बंद रहे। जानकारी होते ही पुलिस टीम पहुंची और मवेशी मालिकों को बुलाकर फटकार लगाई कि भविष्य में उनके मवेशी अन्ना मिले या किसानों की फसल नष्ट करने की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद मवेशियों को संबंधितों के हवाले कर दिया गया।
पाठा क्षेत्र में इन दिनों अरहर व चने की फसल तैयार हो रही है। जिसकी रखवाली के लिए किसान दिन रात खेतों के पास मौजूद रहते हैं। बराहमाफी, डोडा, मारकुंडी, टिकरिया आदि के किसानों ने बताया कि क्षेत्र में अन्ना मवेशियों से सभी परेशान हैं। थोड़ी सी चूक होने पर मवेशी उनकी फसलों को चट कर जाते हैं। मवेशियों को मारने पर उनके मालिक आकर विवाद करते हैं। गांव के किसान भरोसा, भइयालाल, बैजू, रामबहोरी, बिटटू कोरी, रज्जन, लल्लू, प्रेमलाल, नत्थू, राजू व छंगू आदि ने रविवार की सुबह इन मवेशियों को पकड़कर गांव के सामुदायिक भवन परिसर में बंद कर फाटक लगा दिया। जानकारी होते मवेशी मालिक किसानों के पास पहुंचे और मवेशी छोड़ने की जिद करने लगे। इसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी।
जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष केपी दुबे मय फोर्स पहुंचे। किसानों की समस्या सुनने के बाद मवेशी मालिकों को फटकार लगाई। चेतावनी दी कि अपने मवेशी अपने साथ घर ले जाएं अबकी बार किसी की फसल के नुकसान की जानकारी मिली तो मवेशी मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लगभग चार घंटे तक दो सैकड़ा मवेशी सामुदायिक भवन परिसर में रहे। इसके बाद पुलिस की निगरानी में मवेशियों को उनके मालिक को सौंपा गया है।
मानिकपुर। किसानों ने क्षेत्र में घूम रहे अन्ना मवेशियों को बराहमाफी गांव के सामुदायिक भवन परिसर में बंद कर दिया। चार घंटे तक मवेशी परिसर में बंद रहे। जानकारी होते ही पुलिस टीम पहुंची और मवेशी मालिकों को बुलाकर फटकार लगाई कि भविष्य में उनके मवेशी अन्ना मिले या किसानों की फसल नष्ट करने की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद मवेशियों को संबंधितों के हवाले कर दिया गया।
पाठा क्षेत्र में इन दिनों अरहर व चने की फसल तैयार हो रही है। जिसकी रखवाली के लिए किसान दिन रात खेतों के पास मौजूद रहते हैं। बराहमाफी, डोडा, मारकुंडी, टिकरिया आदि के किसानों ने बताया कि क्षेत्र में अन्ना मवेशियों से सभी परेशान हैं। थोड़ी सी चूक होने पर मवेशी उनकी फसलों को चट कर जाते हैं। मवेशियों को मारने पर उनके मालिक आकर विवाद करते हैं। गांव के किसान भरोसा, भइयालाल, बैजू, रामबहोरी, बिटटू कोरी, रज्जन, लल्लू, प्रेमलाल, नत्थू, राजू व छंगू आदि ने रविवार की सुबह इन मवेशियों को पकड़कर गांव के सामुदायिक भवन परिसर में बंद कर फाटक लगा दिया। जानकारी होते मवेशी मालिक किसानों के पास पहुंचे और मवेशी छोड़ने की जिद करने लगे। इसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी।
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जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष केपी दुबे मय फोर्स पहुंचे। किसानों की समस्या सुनने के बाद मवेशी मालिकों को फटकार लगाई। चेतावनी दी कि अपने मवेशी अपने साथ घर ले जाएं अबकी बार किसी की फसल के नुकसान की जानकारी मिली तो मवेशी मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लगभग चार घंटे तक दो सैकड़ा मवेशी सामुदायिक भवन परिसर में रहे। इसके बाद पुलिस की निगरानी में मवेशियों को उनके मालिक को सौंपा गया है।
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