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नोट के लिए लाइन में लगे किसान की मौत

Fri, 16 Dec 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला चित्रकूट
ब्यूरो, अमर उजाला चित्रकूट Updated Fri, 16 Dec 2016 11:54 PM IST
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Farmers engaged in the line for the dead
मृतक किसान के परिजनों से पूछताछ करते एसडीएम - फोटो : अमर उजाला
कैश के लिए तीन दिनों से भटक रहे किसान की शुक्रवार को थानाक्षेत्र के लालता रोड स्थित बैंक शाखा के सामने लाइन में खड़े रहने के दौरान मौत हो गई। एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों व आसपास के लोगों से पूछताछ की। अधिकारियों के मुताबिक मौत का स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।  
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थाना क्षेत्र के सुहैल बराछी गांव के किसान मनी निषाद (65) पुत्र लूलू निषाद शुक्रवार की सुबह अपने रिश्तेदार अमृतलाल के साथ बाइक से लालता रोड़ स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक आये थे। मृतक के पुत्र रमेश के अनुसार बैंक से रुपये निकालने का फार्म लेकर पिता लाइन में खड़े थे तभी अचानक उन्हें चक्कर आया और गिर पड़े।
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इसके बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे प्रभारी थानाध्यक्ष श्यामसुंदर ने किसान को सीएचसी में भर्ती कराया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं किसान की मौत की जानकारी पर एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी और सीओ महेंद्र शुक्ला भी पहुंचे। मृतक के पुत्र ने बताया कि घर में दवा और राशन के लिए नगदी की जरूरत होने पर पिता तीन दिन से बैंक के चक्कर लगा रहे थे। खेत में खाद व बीज भी डालना था।
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इसके लिए भी रुपये नहीं थे। शुक्रवार को वह बैंक के बाहर दस बजे से पहले ही आकर लाइन में लग गए थे। इस मामले में डा. शेखर वैश्य ने कहा कि मौत के कारण की जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिलेगी लेकिन संभावना है कि हार्ट अटैक या ठंड लगने से मौत हुई है। एसडीएम ने कहा कि सभी से पूछताछ की जा रही है। बैंक अधिकारियों से भी बातचीत की गई है कि आखिर तीन दिन से एक ग्राहक को क्यों लौटाया जा रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट


आने के बाद कार्रवाई होगी। उधर, शाखा प्रबंधक बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि किसान तो लाइन में ही नहीं लगा था। वह पेड़ के नीचे बैठा था। उसके खाते में 18 हजार 762 रुपये हैं। लगातार तीन दिन से आने की जानकारी नहीं है। जब कैश रहता है तो क्रम वार बांटा जाता है।
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