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चित्रकूट में आधुनिक यंत्रों से फसल की कटाई में जुटे किसान
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चित्रकूट। गेहूं की फसलों की कटाई व मड़ाई का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। कई किसान आधुनिक यंत्रों का भी उपयोग कर रहे है ताकि समय से फसल को घर तक पहुंचाया सके। आए ेदिन मौसम खराब होने से किसान परेशान हैं।
लॉकडाउन के दौरान कृषि कार्य शुरू करने के निर्देश के बाद से किसान खेतों व खलिहानों के कार्य में जुटे हैं। जिसमें गेहूं, मसूर, अरहर व अन्य फसल की कटाई की जा रही है। बड़े किसान गेहूं की कटाई के लिए हार्वेस्टर मशीन से गेहूं की कटाई करा रहे है। खलिहानों में थ्रेसर मशीन से गेहूं की मड़ाई शुरू है। बालापुर खासला गांव के राजेश पटेल ने बताया कि हार्वेस्टर मशीन गेहूं की कटाई कराने में फायदा अधिक है। गेहूं की मात्रा अधिक निकलती है, गेहूं टूटता नहीं है। 600 रुपये बीघा कटाई लगती है। कि सान अरुण मिश्रा, सुधीर सिंह पटेल ने बताया कि अप्रैल माह होने के बाद भी आएदिन बूंदाबांदी होती रहती है। इससे फसल को नुकसान हो रहा है। जिसको देखते हुए किसान फसल काटने में लगे हैं।
कई गांवों के किसान मायूस
चित्रकूट। कई गांवों में मार्च माह में ओेलावृष्टि होने से किसानों की फसल बरबाद हो गई थी। जहां के किसान मायूस दिखाई दे रहे हैं। खोह गांव के किसान महेश, सीतापुर ग्रामीण गंाव के कमलेश पटेल ने बताया कि ओलावृष्टि से होने से उनका भारी नुकसान हुआ है। हाल ही में कई बार बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान हुआ है।
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लॉकडाउन के दौरान कृषि कार्य शुरू करने के निर्देश के बाद से किसान खेतों व खलिहानों के कार्य में जुटे हैं। जिसमें गेहूं, मसूर, अरहर व अन्य फसल की कटाई की जा रही है। बड़े किसान गेहूं की कटाई के लिए हार्वेस्टर मशीन से गेहूं की कटाई करा रहे है। खलिहानों में थ्रेसर मशीन से गेहूं की मड़ाई शुरू है। बालापुर खासला गांव के राजेश पटेल ने बताया कि हार्वेस्टर मशीन गेहूं की कटाई कराने में फायदा अधिक है। गेहूं की मात्रा अधिक निकलती है, गेहूं टूटता नहीं है। 600 रुपये बीघा कटाई लगती है। कि सान अरुण मिश्रा, सुधीर सिंह पटेल ने बताया कि अप्रैल माह होने के बाद भी आएदिन बूंदाबांदी होती रहती है। इससे फसल को नुकसान हो रहा है। जिसको देखते हुए किसान फसल काटने में लगे हैं।
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कई गांवों के किसान मायूस
चित्रकूट। कई गांवों में मार्च माह में ओेलावृष्टि होने से किसानों की फसल बरबाद हो गई थी। जहां के किसान मायूस दिखाई दे रहे हैं। खोह गांव के किसान महेश, सीतापुर ग्रामीण गंाव के कमलेश पटेल ने बताया कि ओलावृष्टि से होने से उनका भारी नुकसान हुआ है। हाल ही में कई बार बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान हुआ है।
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