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Chitrakoot News: गोस्वामी तुलसी दास की जन्मस्थली के संकट मोचन मंदिर में मेला शुरू
Thu, 06 Nov 2025 11:42 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 06 Nov 2025 11:42 PM IST
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28 सीकेटीपी-6- परिचय- राजापुर के हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए उमड़े भक्त। संवाद
चित्रकूट/ राजापुर। गोस्वामी तुलसी दास की जन्मस्थली में अगहन माह में संकट मोचन मंदिर में बृहस्पतिवार से मेला शुरू हो गया है। यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन करने के लिए जुटे। मेला में भी महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की। यह मेला एक माह तक चलेगा।
राजापुर कस्बे में यमुना नदी के किनारे संकट मोचन मंदिर बना है। मंदिर के पुजारी सूर्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास अपने घर से लगभग 20 किमी दूर नांदी गांव में हनुमान मंदिर में पूजा करने के लिए जाते थे। एक दिन जब वह दर्शन करने के लिए जा रहे थे, वाल्मीकि नदी में बाढ़ आने के कारण गेडुआ नाला के पास वह रुक गए। इसी बीच उनको नींद आ गई। भगवान हनुमान उनको स्वपन में दर्शन देकर कहा कि तुम नांदी के हनुमान मंदिर नहीं आया करो।
राजापुर में ही यमुना नदी किनारे पड़ी एक चट्टान में उनकी तस्वीर बना दो। तुलसीदास ने एक छोटा पत्थर लेकर अपने हाथों से तस्वीर बना दिया। आगे चलकर पत्थर में बनी तस्वीर अपने आप मूर्ति का रूप ले लिया। इससे इस स्थान का बड़ा महत्व है। कुछ ही दूरी पर मानस मंदिर भी है। जहां पर गोस्वमी तुलसीदास द्वारा अपने हाथों से लिखी रामचरित मानस रखी हुई है।
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इनसेट
मेला स्थल का किया निरीक्षण
चित्रकूट/ राजापुर। मेला स्थल का निरीक्षण एसडीएम फूलचंद्र यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव मिश्रा ने निरीक्षण किया। सड़क में अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी। इस मौके पर सभासद मंगल पांडेय, शंकर जायसवाल, भाजपा नेता सुरेश जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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राजापुर कस्बे में यमुना नदी के किनारे संकट मोचन मंदिर बना है। मंदिर के पुजारी सूर्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास अपने घर से लगभग 20 किमी दूर नांदी गांव में हनुमान मंदिर में पूजा करने के लिए जाते थे। एक दिन जब वह दर्शन करने के लिए जा रहे थे, वाल्मीकि नदी में बाढ़ आने के कारण गेडुआ नाला के पास वह रुक गए। इसी बीच उनको नींद आ गई। भगवान हनुमान उनको स्वपन में दर्शन देकर कहा कि तुम नांदी के हनुमान मंदिर नहीं आया करो।
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राजापुर में ही यमुना नदी किनारे पड़ी एक चट्टान में उनकी तस्वीर बना दो। तुलसीदास ने एक छोटा पत्थर लेकर अपने हाथों से तस्वीर बना दिया। आगे चलकर पत्थर में बनी तस्वीर अपने आप मूर्ति का रूप ले लिया। इससे इस स्थान का बड़ा महत्व है। कुछ ही दूरी पर मानस मंदिर भी है। जहां पर गोस्वमी तुलसीदास द्वारा अपने हाथों से लिखी रामचरित मानस रखी हुई है।
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मेला स्थल का किया निरीक्षण
चित्रकूट/ राजापुर। मेला स्थल का निरीक्षण एसडीएम फूलचंद्र यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव मिश्रा ने निरीक्षण किया। सड़क में अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी। इस मौके पर सभासद मंगल पांडेय, शंकर जायसवाल, भाजपा नेता सुरेश जायसवाल आदि मौजूद रहे।