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अप्रैल में ही प्रचंड गर्मी: पारा 45.3 डिग्री पार, लू ने किया बेहाल
Sat, 25 Apr 2026 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 25 Apr 2026 11:48 PM IST
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फोटो 25 सीकेटीपी-29- जिला अस्पताल परिसर में बच्चे के साथ निकलती महिलाएं । संवाद
- फोटो : 1
चित्रकूट। अप्रैल का महीना अभी समाप्त भी नहीं हुआ है कि गर्मी ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। शनिवार को जिले में अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। यह तापमान पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में लगभग तीन डिग्री अधिक है। बीते वर्ष मई में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचा था। इस वर्ष अप्रैल में ही तापमान 42 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया था।
सुबह से ही सूरज की तेज तपिश लोगों को झुलसाने लगी। दोपहर होते-होते हालात और बिगड़ गए और दिनभर चलने वाली लू के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, लोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्म हवाओं के कारण खुले में खड़ा होना भी दूभर हो गया था। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही लगभग थम सी गई थी।
मौसम वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की पूरी संभावना है। फिलहाल किसी भी प्रकार की बारिश के आसार नहीं दिख रहे हैं, जिससे मई और जून के महीने में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है।
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स्कूली बच्चों और स्वास्थ्य पर गर्मी का असर
भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर देखा गया। दोपहर में स्कूल से लौटते समय बच्चे तेज धूप और लू से जूझते नजर आए। जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या में भी वृद्धि देखी गई। उल्टी, चक्कर आना और डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) जैसी समस्याएं लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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सुबह से ही सूरज की तेज तपिश लोगों को झुलसाने लगी। दोपहर होते-होते हालात और बिगड़ गए और दिनभर चलने वाली लू के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, लोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्म हवाओं के कारण खुले में खड़ा होना भी दूभर हो गया था। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही लगभग थम सी गई थी।
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मौसम वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की पूरी संभावना है। फिलहाल किसी भी प्रकार की बारिश के आसार नहीं दिख रहे हैं, जिससे मई और जून के महीने में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है।
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स्कूली बच्चों और स्वास्थ्य पर गर्मी का असर
भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर देखा गया। दोपहर में स्कूल से लौटते समय बच्चे तेज धूप और लू से जूझते नजर आए। जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या में भी वृद्धि देखी गई। उल्टी, चक्कर आना और डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) जैसी समस्याएं लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

फोटो 25 सीकेटीपी-29- जिला अस्पताल परिसर में बच्चे के साथ निकलती महिलाएं । संवाद- फोटो : 1