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Chitrakoot News: करवा चौथ पर उमंग- पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं उत्साहित, वीडियो कॉल से करेंगी पति का दीदार
Wed, 08 Oct 2025 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:35 AM IST
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फोटो 25 सीकेटीपी-21- परिचय-प्रियांशी अग्रवाल
चित्रकूट। सुहागिनों का प्रमुख पर्व करवा चौथ इस वर्ष 10 अक्टूबर (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। इस पर्व को लेकर विवाहिताओं में उत्साह का माहौल है। कई नवविवाहिता इस बार पहली बार व्रत रखेंगी, वहीं जिनके पति परदेस, महानगरों या ड्यूटी पर दूर हैं, वो वीडियो कॉल के माध्यम से अपने पति का दीदार करेंगी। पति की दीर्घायु और दांपत्य सुख की कामना के लिए रखा जाने वाला यह व्रत सुहागिनों के जीवन का सबसे पावन पर्व माना जाता है।
स्टेशन रोड निवासी प्रियांशी अग्रवाल बताती हैं कि यह उनका पहला करवा चौथ है। इसके लिए कई दिनों से तैयारी कर रही हैं। इसके लिए किताबों के साथ कई अन्य शोसल साइटों पर जाकर क्या व कैसे करना है। इसको सर्च किया है। इस व्रत को लेकर थोड़ी सी घबराहट भी है। यह दिन हर शादीशुदा महिला के लिए बहुत खास होता है, खासकर जब आप नवविवाहित हों।
कर्वी पुरानी बाजार द्वारिकापुरी निवासी शिखा केसरवानी, जो हाल ही में विवाह बंधन में बंधी हैं, करवा चौथ का व्रत रखेंगी। उन्होंने बताया कि बचपन से अपनी मां और दादी को व्रत करते देखा है। शिखा ने कहा कि अब जब खुद यह अवसर आया है, तो मन में विशेष उत्साह है। यह दिन पति-पत्नी के रिश्ते को और मजबूत बनाता है।
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स्टेशन रोड निवासी माधुरी अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने करवा चौथ की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू कर दी हैं। साड़ी, सिंगार और पूजा की थाली को सजाने में वे विशेष ध्यान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि करवा चौथ केवल व्रत नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
मानिकपुर निवासी साक्षी गुप्ता के पति मुंबई में नौकरी करते हैं। साक्षी ने बताया कि वे इस बार करवा चौथ का व्रत रखकर वीडियो कॉल से अपने पति का दीदार करेंगी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, दूरी हमारे प्रेम को कम नहीं कर सकती, बल्कि यह रिश्ते की मजबूती को और बढ़ाती है। तकनीक ने अब भावनाओं को और करीब ला दिया है।
भरतकूप निवासी दिव्या सिंह, जिनके पति भारतीय सेना में तैनात हैं, वह कहती हैं कि वे इस बार की पूजा ऑनलाइन आरती करेंगी और वीडियो कॉल से अर्घ्य अर्पित करेंगी। दिव्या ने भावुक होकर कहा, भले ही पति देश की सीमा की रक्षा कर रहे हैं, पर मेरा मन उनके साथ ही रहेगा। यही करवा चौथ का सच्चा अर्थ है, दूरी में भी निकटता।
भरतकूप निवासी मिथलेश कुमारी ने बताया कि करवा चौथ केवल परंपरा नहीं बल्कि आस्था और प्रेम का प्रतीक है। डॉ. नीलिमा सिंह, निवासी शंकर बाजार, और रश्मी अग्रवाल, निवासी भैरवपागा रोड कर्वी ने बताया कि यह व्रत हर स्त्री के लिए आत्मबल और समर्पण का प्रतीक है।
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स्टेशन रोड निवासी प्रियांशी अग्रवाल बताती हैं कि यह उनका पहला करवा चौथ है। इसके लिए कई दिनों से तैयारी कर रही हैं। इसके लिए किताबों के साथ कई अन्य शोसल साइटों पर जाकर क्या व कैसे करना है। इसको सर्च किया है। इस व्रत को लेकर थोड़ी सी घबराहट भी है। यह दिन हर शादीशुदा महिला के लिए बहुत खास होता है, खासकर जब आप नवविवाहित हों।
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कर्वी पुरानी बाजार द्वारिकापुरी निवासी शिखा केसरवानी, जो हाल ही में विवाह बंधन में बंधी हैं, करवा चौथ का व्रत रखेंगी। उन्होंने बताया कि बचपन से अपनी मां और दादी को व्रत करते देखा है। शिखा ने कहा कि अब जब खुद यह अवसर आया है, तो मन में विशेष उत्साह है। यह दिन पति-पत्नी के रिश्ते को और मजबूत बनाता है।
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स्टेशन रोड निवासी माधुरी अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने करवा चौथ की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू कर दी हैं। साड़ी, सिंगार और पूजा की थाली को सजाने में वे विशेष ध्यान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि करवा चौथ केवल व्रत नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
मानिकपुर निवासी साक्षी गुप्ता के पति मुंबई में नौकरी करते हैं। साक्षी ने बताया कि वे इस बार करवा चौथ का व्रत रखकर वीडियो कॉल से अपने पति का दीदार करेंगी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, दूरी हमारे प्रेम को कम नहीं कर सकती, बल्कि यह रिश्ते की मजबूती को और बढ़ाती है। तकनीक ने अब भावनाओं को और करीब ला दिया है।
भरतकूप निवासी दिव्या सिंह, जिनके पति भारतीय सेना में तैनात हैं, वह कहती हैं कि वे इस बार की पूजा ऑनलाइन आरती करेंगी और वीडियो कॉल से अर्घ्य अर्पित करेंगी। दिव्या ने भावुक होकर कहा, भले ही पति देश की सीमा की रक्षा कर रहे हैं, पर मेरा मन उनके साथ ही रहेगा। यही करवा चौथ का सच्चा अर्थ है, दूरी में भी निकटता।
भरतकूप निवासी मिथलेश कुमारी ने बताया कि करवा चौथ केवल परंपरा नहीं बल्कि आस्था और प्रेम का प्रतीक है। डॉ. नीलिमा सिंह, निवासी शंकर बाजार, और रश्मी अग्रवाल, निवासी भैरवपागा रोड कर्वी ने बताया कि यह व्रत हर स्त्री के लिए आत्मबल और समर्पण का प्रतीक है।

फोटो 25 सीकेटीपी-21- परिचय-प्रियांशी अग्रवाल

फोटो 25 सीकेटीपी-21- परिचय-प्रियांशी अग्रवाल

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