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Chitrakoot News: ईएमटी की पत्नी ने फंदा लगाकर दी जान
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साधना
- फोटो : परिजन
चित्रकूट। सदर कोतवाली क्षेत्र के शिवरामपुर में ईएमटी की पत्नी ने शनिवार की रात में कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार वह करीब तीन साल से मानसिक रूप से अस्वस्थ थी।
हमीरपुर जिले के मुस्कुरा थाना क्षेत्र के बसवारी गांव निवासी राजेन्द्र कुमार राजपूत ने बताया कि वह सीएचसी की एंबुलेंस में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) के पद पर कार्यरत हैं। पत्नी साधना (45) के साथ शिवरामपुर के मछारिया गांव में रहते हैं। सीएचसी के सामने मेडिकल स्टोर भी चलाते हैं। बताया कि शनिवार की शाम पत्नी व बेटे शिवम के साथ खाना खाकर कमरे में सोने चले गए थे। रात में पत्नी उठकर दूसरे कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर पंखे से साड़ी से फंसा कर फंदा लगा लिया। सुबह नींद खुली तो कमरे में पत्नी नहीं थी। दूसरे कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। खिड़की से देखा तो पत्नी फंदे से लटकी थी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव फंदे से उतारा। उसके एक बेटा व एक बेटी है। बताया कि पत्नी का ग्वालियर से तीन साल से दिमाग का इलाज चल रहा था। शिवरामपुर चौकी प्रभारी सनी चतुर्वेदी ने बताया कि पति ने मानसिक रूप से बीमार होने की जानकारी दी है।
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हमीरपुर जिले के मुस्कुरा थाना क्षेत्र के बसवारी गांव निवासी राजेन्द्र कुमार राजपूत ने बताया कि वह सीएचसी की एंबुलेंस में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) के पद पर कार्यरत हैं। पत्नी साधना (45) के साथ शिवरामपुर के मछारिया गांव में रहते हैं। सीएचसी के सामने मेडिकल स्टोर भी चलाते हैं। बताया कि शनिवार की शाम पत्नी व बेटे शिवम के साथ खाना खाकर कमरे में सोने चले गए थे। रात में पत्नी उठकर दूसरे कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर पंखे से साड़ी से फंसा कर फंदा लगा लिया। सुबह नींद खुली तो कमरे में पत्नी नहीं थी। दूसरे कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। खिड़की से देखा तो पत्नी फंदे से लटकी थी।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव फंदे से उतारा। उसके एक बेटा व एक बेटी है। बताया कि पत्नी का ग्वालियर से तीन साल से दिमाग का इलाज चल रहा था। शिवरामपुर चौकी प्रभारी सनी चतुर्वेदी ने बताया कि पति ने मानसिक रूप से बीमार होने की जानकारी दी है।
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