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Chitrakoot News: सात दिन से बिजली गायब, पेयजल संकट गहराया
Tue, 12 May 2026 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 12 May 2026 12:45 AM IST
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फोटो 11 सीकेटीपी 17 मऊ क्षेत्र में क्षतिग्रस्त बिजली लाइन। संवाद
- फोटो : बहराइच में नानपारा बस स्टैंड पर खड़ी बस में लगी आग।
चित्रकूट/मऊ । सात दिन पहले आई तेज आंधी से मऊ व भरतकूप क्षेत्र के कई गांवों में धड़ाम विद्युत आपूर्ति चालू नहीं हो सकी है। इससे उपभोक्ता पेयजल सहित कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। लोगों को दूसरे गांवों से ड्रमों में पानी भर कर लाना पड़ता है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार सुनवाई नहीं कर रहे हैं। वहीं विभाग एक-दो दिनों में सभी गांवों में आपूर्ति बहाल होने का दावा कर रहा है।
मऊ क्षेत्र के खंडेहा के पटपरहा गांव में सात दिन पहले आई तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली की तार टूट कर गिर गए थे। इससे गांव में पूरी तरह बिजली बाधित हो गई थी। ग्रामीणों को सबसे अधिक समस्या पेयजल की हो गई। हैंडपंप भी दगा दे रहे हैं। मजबूरी में ग्रामीण दूसरे गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉली में ड्रम भरकर पानी ला रहे हैं। ग्रामीण संतोष सिंह एवं अनिल सिंह ने बताया कि बिजली के तार गिरने की वजह से समस्या है। पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहता है। मोबाइल चार्ज करने के लिए भी दूसरे गांव जाना पड़ता है। कई बार सूचना देने के बाद भी टूटे तारों को जोड़ने के लिए कोई कर्मचारी नहीं आया है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
पांच दिन से अंधेरे में भैंसौधा गांव
भरतकूप क्षेत्र के भैंसौधा गांव के 150 आबादी वाले फरैहन पुरवा में पांच दिन से तीन-चार बिजली खंभे गिरने से तार टूट गए हैं। इससे गांव में पेयजल की समस्या गहरा गई है। गांव के रामलखन पयासी, अंकित मिश्रा, दिनेश मिश्रा, सोहनलाल, लालू यादव का कहना है कि शिकायत के बाद भी खंभे नहीं हटाए गए। तत्काल टूटे हुए बिजली तारों को दुरुस्त कर विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए। इससे लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल सके। इसके अलावा भरतकूप के कुम्हारन पुरवा व गोबारिया बुजुर्ग के मजरा में भी अभी विद्युत आपूर्ति बंद है।
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बोले जिम्मेदार
छह दिन पहले आई तेज आंधी व तूफान से विद्युत व्यवस्था गड़बड़ा गई थी। लगातार कर्मचारी लगे हुए हैं, एक-दो दिनों में सभी गांवों में आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
-आरके यादव, अधीक्षण अभियंता।
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मऊ क्षेत्र के खंडेहा के पटपरहा गांव में सात दिन पहले आई तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली की तार टूट कर गिर गए थे। इससे गांव में पूरी तरह बिजली बाधित हो गई थी। ग्रामीणों को सबसे अधिक समस्या पेयजल की हो गई। हैंडपंप भी दगा दे रहे हैं। मजबूरी में ग्रामीण दूसरे गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉली में ड्रम भरकर पानी ला रहे हैं। ग्रामीण संतोष सिंह एवं अनिल सिंह ने बताया कि बिजली के तार गिरने की वजह से समस्या है। पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहता है। मोबाइल चार्ज करने के लिए भी दूसरे गांव जाना पड़ता है। कई बार सूचना देने के बाद भी टूटे तारों को जोड़ने के लिए कोई कर्मचारी नहीं आया है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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पांच दिन से अंधेरे में भैंसौधा गांव
भरतकूप क्षेत्र के भैंसौधा गांव के 150 आबादी वाले फरैहन पुरवा में पांच दिन से तीन-चार बिजली खंभे गिरने से तार टूट गए हैं। इससे गांव में पेयजल की समस्या गहरा गई है। गांव के रामलखन पयासी, अंकित मिश्रा, दिनेश मिश्रा, सोहनलाल, लालू यादव का कहना है कि शिकायत के बाद भी खंभे नहीं हटाए गए। तत्काल टूटे हुए बिजली तारों को दुरुस्त कर विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए। इससे लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल सके। इसके अलावा भरतकूप के कुम्हारन पुरवा व गोबारिया बुजुर्ग के मजरा में भी अभी विद्युत आपूर्ति बंद है।
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बोले जिम्मेदार
छह दिन पहले आई तेज आंधी व तूफान से विद्युत व्यवस्था गड़बड़ा गई थी। लगातार कर्मचारी लगे हुए हैं, एक-दो दिनों में सभी गांवों में आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
-आरके यादव, अधीक्षण अभियंता।

फोटो 11 सीकेटीपी 17 मऊ क्षेत्र में क्षतिग्रस्त बिजली लाइन। संवाद- फोटो : बहराइच में नानपारा बस स्टैंड पर खड़ी बस में लगी आग।