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नहर सूखी, 15 सालों से नहीं मिला पानी

Mon, 15 Feb 2016 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो चित्रकूट।
अमर उजाला ब्यूरो चित्रकूट। Updated Mon, 15 Feb 2016 12:14 AM IST
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Dry canal, the water did not get 15 years
 मुख्यालय के समीपवर्ती आधा दर्जन गांव की लगभग दस हजार बीघे जमीन नहर का पानी न मिलने से बंजर है। कुछ संपन्न किसानों ने निजी ट्यूबवेल का सहारा लिया जिसके चलते उनकी खेती तो लहलहाती है। पर सैकड़ों किसानों की जमीनें सिर्फ प्रकृति पर निर्भर है। नहरें न चलने से अब हालात यहां तक हो गए हैं कि नहर किनारे ही नहीं बल्कि मुख्य नहर पर भी लोगों ने कब्जा कर भवन अथवा अस्थाई निर्माण कर लिया है। किसान खेती भूलकर मजदूरी और निजी व्यापार करने लगे।
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जिले में सूखा तो लगातार तीन सालों से पड़ रहा है। इस बार भी कम बारिश होने से जिलेे भर के किसानों की फसलें चौपट हैं। कभी नदी से जुड़ी सोनेपुर, कुली तलैया और बनाड़ी जैसे गांव नहर के पानी से सिंचाई कर अपना जीविकोपार्जन करते थे। अब तो यहां के हालात बदल गए हैं। इसे अधिकारियों की लापरवाही कहें अथवा भूमाफियाओं की टेढ़ी नजर। पर्याप्त पानी होने के तीनों नहरों की स्थिति खराब है। किसान संगम सिंह बताते हैं कि पानी की कमी तो पांच वर्षों से है लेकिन कुछ लोगों की उदासीनता के कारण इन नहरों में पानी मिलना बंद हो गया। इसका स्थानीय स्तर पर कभी विरोध भी नहीं हुआ।
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  इस बीच मुख्यालय से जुड़ा होने के कारण सोनेपुर, बनाड़ी, सिद्धपुर, कुलीतलैया, तेजीपुर, तरौंहा व कर्वी के काफी किसान परिवार संपन्न हैं। इन किसानों में कुछ ने निजी ट्यूबवेल लगवा लिए अैार अपने खेतों की सिंचाई कर ली। किराए पर पानी देकर पैसा भी कमाने लगे। कमजोर व प्रकृति पर निर्भर किसान परिवार कुछ सालों तक इसे झेलते रहे। लेकिन धीरे-धीरे वह टूटने लगे ह ै। परिवार चलाने को संपन्न किसानों के खेतों में मजदूरी करने लगा। कुछ बटाईदार किसान बन गए तो कुछ ने शहर में परचून आदि की दुकानें खोल ली। खेती से उनका मन भर गया।
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    तेजीपुर के रामलाल व चुनका ने बताया कि पानी न मिलने से लगभग एक सैकड़ा परिवार खेती छोड़ चुका है। सोनेपुर के धनराज पटेल, गुड्डू सिंह व लालचंद्र ने बताया कि 15 वर्षों से नहर बंद पड़ी है। उच्चाधिकारियों को पत्र देकर शिकायत भी की गई लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा। अब तो हालात यहां तक हो गए हैं कि कहीं-कहीं नहर नजर आती है। कई स्थान पर नहर गायब है और भवनों का निर्माण हो गया है। इस मामले में अपर जिलाधिकारी महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि इसकी जानकारी संबधित विभाग से मांगी जाएगी।
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