{"_id":"6a3585a7b7502be1940ce61c","slug":"doctors-absent-pharmacists-checking-patients-pulse-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1007-132600-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: डॉक्टर नदारद, फार्मासिस्ट पकड़ रहे मरीज की नब्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: डॉक्टर नदारद, फार्मासिस्ट पकड़ रहे मरीज की नब्ज
विज्ञापन
-सुबह 10 बजे खुलने वाले केंद्रों में 11 बजे तक नहीं पहुंचे चिकित्सक
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। शहर में नागरिकों को घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की व्यवस्था चमरा गई है। शुक्रवार को शहर के केंद्रों की पड़ताल में अधिकांश अस्पतालों में निर्धारित समय के बाद भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। ऐसे में मरीजों का इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे चलता दिखाई दिया। अस्पतालों के खुलने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है, लेकिन कई केंद्रों पर 11 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे।
सीन-01 :
फोटो 19 सीकेटीपी-04-सीतापुर केंद्र में खाली रही डॉक्टर की कुर्सी
सीतापुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सुबह 10:15 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। अस्पताल में मौजूद एक कर्मचारी से दवा के बारे में पूछने पर उसने कहा कि डॉक्टर के आने के बाद ही दवा दी जाएगी। कर्मचारी ने बताया कि चिकित्सक को आने में अभी समय लगेगा। रमेश ने बताया है कि अस्पताल समय पर खुल जाता है, लेकिन डॉक्टर अक्सर देर से पहुंचते हैं। ऐसे में मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
-- -- -- -- -
सीन-02 :
फोटो 19 सीकेटीपी-05-तरौहा में इलाज करते हुए फार्मासिस्ट। संवाद
तरौंहा क्षेत्र स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सुबह 10:25 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। इस दौरान इलाज के लिए पहुंची एक महिला मरीज को फार्मासिस्ट ने ही देखना शुरू कर दिया। फार्मासिस्ट ने बताया कि जब तक डॉक्टर नहीं आते, तब तक मरीजों को आवश्यक दवा और प्राथमिक उपचार दिया जाता है। क्षेत्र के निवासी पिंकू, रमेश कुमार और भरत सिंह ने बताया कि अस्पताल में अक्सर डॉक्टरों की तुलना में फार्मासिस्ट ही ज्यादा उपलब्ध रहते हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -
सीन-03 :
फोटो 19 सीकेटीपी-06 बनकट में डॉक्टर के इंतजार में बैठे रहे मरीज
बनकट क्षेत्र स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सुबह 10:40 बजे तक चिकित्सक नहीं पहुंचे थे। अस्पताल परिसर में कई मरीज डॉक्टर का इंतजार करते दिखाई दिए। अमर सिंह, राकेश ने बताया कि डॉक्टर के न आने पर अधिकांश मरीज फार्मासिस्ट से दवा लेकर वापस लौट जाते हैं। समय पर डॉक्टर न मिलने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। मरीजों का कहना है कि डॉक्टर समय से मौजूद रहें तो उन्हें जिला अस्पताल या निजी क्लीनिकों का रुख नहीं करना पड़े।
-- -- -- -
बोले जिम्मेदार
अस्पतालों के खुलने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है। डॉक्टरों के समय से न पहुंचने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी महेंद्र कुमार त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। शहर में नागरिकों को घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की व्यवस्था चमरा गई है। शुक्रवार को शहर के केंद्रों की पड़ताल में अधिकांश अस्पतालों में निर्धारित समय के बाद भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। ऐसे में मरीजों का इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे चलता दिखाई दिया। अस्पतालों के खुलने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है, लेकिन कई केंद्रों पर 11 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे।
सीन-01 :
फोटो 19 सीकेटीपी-04-सीतापुर केंद्र में खाली रही डॉक्टर की कुर्सी
सीतापुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सुबह 10:15 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। अस्पताल में मौजूद एक कर्मचारी से दवा के बारे में पूछने पर उसने कहा कि डॉक्टर के आने के बाद ही दवा दी जाएगी। कर्मचारी ने बताया कि चिकित्सक को आने में अभी समय लगेगा। रमेश ने बताया है कि अस्पताल समय पर खुल जाता है, लेकिन डॉक्टर अक्सर देर से पहुंचते हैं। ऐसे में मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
सीन-02 :
फोटो 19 सीकेटीपी-05-तरौहा में इलाज करते हुए फार्मासिस्ट। संवाद
तरौंहा क्षेत्र स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सुबह 10:25 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। इस दौरान इलाज के लिए पहुंची एक महिला मरीज को फार्मासिस्ट ने ही देखना शुरू कर दिया। फार्मासिस्ट ने बताया कि जब तक डॉक्टर नहीं आते, तब तक मरीजों को आवश्यक दवा और प्राथमिक उपचार दिया जाता है। क्षेत्र के निवासी पिंकू, रमेश कुमार और भरत सिंह ने बताया कि अस्पताल में अक्सर डॉक्टरों की तुलना में फार्मासिस्ट ही ज्यादा उपलब्ध रहते हैं।
विज्ञापन
सीन-03 :
फोटो 19 सीकेटीपी-06 बनकट में डॉक्टर के इंतजार में बैठे रहे मरीज
बनकट क्षेत्र स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सुबह 10:40 बजे तक चिकित्सक नहीं पहुंचे थे। अस्पताल परिसर में कई मरीज डॉक्टर का इंतजार करते दिखाई दिए। अमर सिंह, राकेश ने बताया कि डॉक्टर के न आने पर अधिकांश मरीज फार्मासिस्ट से दवा लेकर वापस लौट जाते हैं। समय पर डॉक्टर न मिलने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। मरीजों का कहना है कि डॉक्टर समय से मौजूद रहें तो उन्हें जिला अस्पताल या निजी क्लीनिकों का रुख नहीं करना पड़े।
बोले जिम्मेदार
अस्पतालों के खुलने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है। डॉक्टरों के समय से न पहुंचने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी महेंद्र कुमार त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।