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Chitrakoot News: गर्मी से बचाव के लिए देसी पेय की मांग बढ़ी
Sat, 25 Apr 2026 11:43 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 25 Apr 2026 11:43 PM IST
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फोटो न- 25सीकेटीपी 03 बाजार में दुकान पर गन्ने का रस पीता युवक। संवाद
चित्रकूट। भीषण गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए लोग देसी पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। देसी पेय पदार्थ गन्ने का रस, छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी लू और डिहाइड्रेशन से बचाव में कारगर साबित हो रहे हैं। इनकी बिक्री में भी उछाल आया है। ।
भीषण गर्मी में लू व डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इस प्रकोप से बचाव के लिए लोग देसी पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं। ऐसे में शहरों की सड़कों और बाजारों में देसी पेय पदार्थों की अस्थायी दुकानें सज गई हैं। लोग घरों से निकलते ही इन दुकानों पर रुककर गर्मी से राहत पाने के लिए इनका सेवन कर रहे हैं।
कई स्थानों पर इन पेय पदार्थों के सेवन के लिए लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। बुजुर्ग सविता देवी और सुशीला देवी बताती हैं कि गर्मी और लू के प्रकोप से बचने के लिए देसी पेय सबसे उत्तम विकल्प हैं।
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डिहाइड्रेशन: लक्षण और बचाव के उपाय
गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन एक गंभीर समस्या बन सकती है। डॉ. सुरेंद्र अग्रवाल के अनुसार, डिहाइड्रेशन के प्रमुख लक्षणों में मुंह का सूखना, सिरदर्द, कमजोरी और अत्यधिक थकान शामिल हैं। गंभीर मामलों में, यह गुर्दे (किडनी) में संक्रमण जैसी जटिलताओं को भी जन्म दे सकता है।
गर्मी में खूब पीएंआम का पना व गन्ने का रस
चित्रकूट। आयुष विभाग की डॉ. रत्ना द्विवेदी ने भी गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए कई पेय पदार्थों के सेवन की सलाह दी है। बताया कि आम का पना, गन्ने का रस और छाछ जैसे पेय शरीर को जलयोजित रखने में मदद करते हैं। आम के पना विटामिन सी, बी और आयरन से भरपूर होता है, जो पाचन में सहायक है। इसे उबले हुए कच्चे आम के गूदे को पानी, जीरा, पुदीना और गुड़ के साथ मिलाकर बनाया जाता है। गन्ने का रस यकृत की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता।
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भीषण गर्मी में लू व डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इस प्रकोप से बचाव के लिए लोग देसी पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं। ऐसे में शहरों की सड़कों और बाजारों में देसी पेय पदार्थों की अस्थायी दुकानें सज गई हैं। लोग घरों से निकलते ही इन दुकानों पर रुककर गर्मी से राहत पाने के लिए इनका सेवन कर रहे हैं।
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कई स्थानों पर इन पेय पदार्थों के सेवन के लिए लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। बुजुर्ग सविता देवी और सुशीला देवी बताती हैं कि गर्मी और लू के प्रकोप से बचने के लिए देसी पेय सबसे उत्तम विकल्प हैं।
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डिहाइड्रेशन: लक्षण और बचाव के उपाय
गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन एक गंभीर समस्या बन सकती है। डॉ. सुरेंद्र अग्रवाल के अनुसार, डिहाइड्रेशन के प्रमुख लक्षणों में मुंह का सूखना, सिरदर्द, कमजोरी और अत्यधिक थकान शामिल हैं। गंभीर मामलों में, यह गुर्दे (किडनी) में संक्रमण जैसी जटिलताओं को भी जन्म दे सकता है।
गर्मी में खूब पीएंआम का पना व गन्ने का रस
चित्रकूट। आयुष विभाग की डॉ. रत्ना द्विवेदी ने भी गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए कई पेय पदार्थों के सेवन की सलाह दी है। बताया कि आम का पना, गन्ने का रस और छाछ जैसे पेय शरीर को जलयोजित रखने में मदद करते हैं। आम के पना विटामिन सी, बी और आयरन से भरपूर होता है, जो पाचन में सहायक है। इसे उबले हुए कच्चे आम के गूदे को पानी, जीरा, पुदीना और गुड़ के साथ मिलाकर बनाया जाता है। गन्ने का रस यकृत की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता।

फोटो न- 25सीकेटीपी 03 बाजार में दुकान पर गन्ने का रस पीता युवक। संवाद