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महज औपचारिकता में निपटा दीक्षांत समारोह
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Sun, 24 Apr 2016 11:12 PM IST
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प्रमाण पत्र प्रदान करती डीएम मोनिका रानी।
- फोटो : अमर उजाला
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शासन के निर्देश पर रविवार को प्रदेश के सभी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। उसी क्रम में जिले के भी शिवरामपुर भांगा स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में दीक्षांत समारोह में वर्ष 2012-13 के अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र दिए गए। जिसमें मानिकपुर आईटीआई के कन्ज्यूम इलेक्ट्रानिक एवं वेल्डर ट्रेड में उतीर्ण 80 अभ्यर्थियों को दीक्षांत समारोह में बुलाया गया। मगर पांच छात्र ही आए। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई।
रविवार को आईटीआई शिवरामपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में केवल औपचारिकता ही देखने को मिली। 80 अभ्यर्थियों के सापेक्ष मात्र पांच ही आए। कार्यक्रम के दौरान न तो किसी का स्वागत हुआ और न ही उद्बोधन। कार्यक्रम शुरू होने तक माइक भी नहीं लगाए जा सके थे। सब धरे रह गए। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची डीएम मोनिका रानी ने जब हाल में प्रवेश किया तो मात्र पांच छात्राओं को देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
महज पांच मिनट में ही आए अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र बांटकर कार्यक्रम का समापन हो गया। आए हुए अभ्यर्थियों से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि कालेज ने सभी अभ्यर्थियों तक सूचना नहीं पहुंचाई। अगर सूूचना पहुंच जाती तो उनके सभी साथी जरूर आते। वहीं प्राचार्य रमेशचंद्र का कहना था कि उन्होंने सभी अभ्यर्थियों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास किया था। कार्यक्रम की पूरी व्यवस्था उन्होंने अकेले ही की है। कालेज के छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए उधर भी व्यस्तता थी।
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रविवार को आईटीआई शिवरामपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में केवल औपचारिकता ही देखने को मिली। 80 अभ्यर्थियों के सापेक्ष मात्र पांच ही आए। कार्यक्रम के दौरान न तो किसी का स्वागत हुआ और न ही उद्बोधन। कार्यक्रम शुरू होने तक माइक भी नहीं लगाए जा सके थे। सब धरे रह गए। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची डीएम मोनिका रानी ने जब हाल में प्रवेश किया तो मात्र पांच छात्राओं को देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
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महज पांच मिनट में ही आए अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र बांटकर कार्यक्रम का समापन हो गया। आए हुए अभ्यर्थियों से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि कालेज ने सभी अभ्यर्थियों तक सूचना नहीं पहुंचाई। अगर सूूचना पहुंच जाती तो उनके सभी साथी जरूर आते। वहीं प्राचार्य रमेशचंद्र का कहना था कि उन्होंने सभी अभ्यर्थियों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास किया था। कार्यक्रम की पूरी व्यवस्था उन्होंने अकेले ही की है। कालेज के छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए उधर भी व्यस्तता थी।
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