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नृत्य में दिखी देश की संस्कृति
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:10 AM IST
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लोकगीत के साथ नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
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शरदोत्सव के दूसरे दिन उड़ीसा के प्रसिद्ध रणप्पा एवं चड्या नृत्य के साथ मुंबई के लावणी लोकनृत्य ने समां बांध दिया। भजन गायक पवन तिवारी के भजनों ने दर्शकों को भक्तिरस में डुबो दिया।
मुंबई की नृत्य नाट्य निर्देशक संजना ठाकुर ने कृष्ण और मीरा के पवित्र प्रेम को प्रेम पुष्पांजलि के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भजन गायक अनूप जलोटा के साथ की गई इस प्रस्तुति को नाट्य, संगीत, अभिनय, गीत-गाथा, कथा आदि पक्षों से सजाया गया है। कार्यक्रम में लोकनृत्यों की धूम रही।
भड़कीली साड़ियों और गहनों से सजी नृत्यांगनाओं ने जब लावणी को अपनी भाव-भंगिमाओं से प्रस्तुत किया तो चांदनी रात में दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। देर रात तक कार्यक्रम चलते रहे।
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मुंबई की नृत्य नाट्य निर्देशक संजना ठाकुर ने कृष्ण और मीरा के पवित्र प्रेम को प्रेम पुष्पांजलि के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भजन गायक अनूप जलोटा के साथ की गई इस प्रस्तुति को नाट्य, संगीत, अभिनय, गीत-गाथा, कथा आदि पक्षों से सजाया गया है। कार्यक्रम में लोकनृत्यों की धूम रही।
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भड़कीली साड़ियों और गहनों से सजी नृत्यांगनाओं ने जब लावणी को अपनी भाव-भंगिमाओं से प्रस्तुत किया तो चांदनी रात में दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। देर रात तक कार्यक्रम चलते रहे।
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