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पाठा के मजूदर दोहरी मार झेल रहे, खाने और काम के पड़े लाले
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मानिकपुर पाठा क्षेत्र के मजदूर परिवार दोहरी मार झेल रहे है। पाठा क्षेत्र में अधिकतर मजदूर परिवार ही रहता है इसकी लॉकडाउन होने के बाद से कार्य न मिलने के कारण परिवार का पालन करने में समस्या आ रही है।
कई परिवार को गांवों के बडे़ कश्तकारों से कर्ज लेकर अपना पेट भर रहे है। वहीं, बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों ने उनके लिए दोहरी मुसीबत खड़ी कर दी है।
पाठा क्षेत्र के घनघोर जंगल के बीच बसा जमुनिहाई गांव व नौबस्ता गांव में बाहर से आने वाले मजदूरों को कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए जाने के बाद से यहां के निवासी चिंतित हो गए। पाठा क्षेत्र के रमेश कोल, मोहन लाल कोल, सतीश पटेल आदि ने बताया कि लॉकडाउन होने से पहले ही तमाम समस्याओं से यहां के मजदूर जूझ रहे हैं। संवाद
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कई परिवार को गांवों के बडे़ कश्तकारों से कर्ज लेकर अपना पेट भर रहे है। वहीं, बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों ने उनके लिए दोहरी मुसीबत खड़ी कर दी है।
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पाठा क्षेत्र के घनघोर जंगल के बीच बसा जमुनिहाई गांव व नौबस्ता गांव में बाहर से आने वाले मजदूरों को कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए जाने के बाद से यहां के निवासी चिंतित हो गए। पाठा क्षेत्र के रमेश कोल, मोहन लाल कोल, सतीश पटेल आदि ने बताया कि लॉकडाउन होने से पहले ही तमाम समस्याओं से यहां के मजदूर जूझ रहे हैं। संवाद
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