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Chitrakoot News: डाकू राधे को फिर दो दिन की जेल, सोमवार को होगी पेशी
Sun, 14 Jan 2024 01:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 14 Jan 2024 01:45 PM IST
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चित्रकूट। कुख्यात डाकू ददुआ के दाहिने हाथ रहे डाकू राधे की जेल से रिहाई के बाद फिर से गिरफ्तारी शनिवार को दिनभर चर्चा का विषय रही।
33 साल पुराने डबल मर्डर के मामले में अदालत से जारी वारंट के आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर शाम को रिमांड कोर्ट में प्रस्तुत किया। अदालत ने उसे दो दिन जेल भेजकर सोमवार को फिर से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
वर्ष 2009 में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर 14 साल जेल काटकर छूटे डाकू राधे उर्फ सूबेदार सिंह को शुक्रवार को रैपुरा थाने की पुलिस ने उसके घर के पास से पकड़ा था। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि 1990 में हुए डबल मर्डर मामले में अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर उन्हें पकड़ा गया है। शनिवार को उन्हें रिमांड कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। जज अंजलिका प्रियदर्शनी ने उन्हें दो दिन की जेल भेजने के आदेश दिए हैं। सोमवार को मामले में संबंधित अदालत में पेशी करने के भी आदेश दिए हैं।
राधे उर्फ सूबेदार के अधिवक्ता चंद्रिका प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि उनके मुव्वकिल को फर्जी पुराने मामले में फंसाने की साजिश रची गई है। अदालत में इसका सही फैसला होगा। इस मामले में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है।
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कचहरी में लगी रही भीड़, पुलिस को बार-बार बदलनी राधे को ले जाने की योजना
चित्रकूट। इस मामले को लेकर दिन भर डाकू राधे व उनके परिजनों व शुभचिंतकों की भीड़ रैपुरा थाना व कोतवाली परिसर के साथ ही कचहरी परिसर में रही। कई बार रैपुरा पुलिस ने राधे को गाड़ी में बैठाकर मुख्यालय ले जाने का प्रयास किया लेकिन भीड़ के कारण हर बार योजना बदलनी पड़ी। एक बार तो पुलिस उसे लेकर पांच किमी तक आ गई फिर अचानक पुलिस वाहन लौटने लगे।
पुलिस वाहनों के पीछे लगे राधे के परिजनों के वाहन भी पुलिस वाहनों के पीछे लौटे। कई लोगों ने एनकाउंटर की आशंका जताई तो कई ने गाड़ी पलटने की आशंका जताई। कोतवाली परिसर में भी उसे कड़ी सुरक्षा में रखा गया। शनिवार को अदालत में अवकाश होने के कारण शाम को रिमांड कोर्ट में उसे प्रस्तुत किया गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने पत्रकारों से बातचीत नहीं करने दी।
राधे गैंग ने दोहरा हत्याकांड कर पुलिस को दी थी चुनौती
चित्रकूट। पाठा क्षेत्र में ददुआ के दाहिने हाथ दस्यु राधे का कई साल तक आतंक रहा। जो पुलिस को खुली चुनौती देता रहा। गैंग के सदस्यों ने उन्नायन बन्ना गांव में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। जिसमें गांव के प्रधान सहित उनके साथी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। गैंग के सदस्य रोहणी प्रसाद उर्फ तहसीलदार उन्नायन बन्ना का ही रहने वाला था। गांव का प्रधान राम प्रकाश मिश्रा गैंग की धमकियों से डरता नहीं था।
इसी बात से गैंग के सदस्य खुन्नस रखते थे। जिसमें 20 नवंबर 1990 को प्रधान रामप्रकाश मिश्रा व जानकी प्रसाद मिश्रा खेत को देखने गए थे। वही पर गैंग पहले से घात लगाए बैठे था। जिन पर गैंग के सदस्यों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या कर दिया था। गांव में पीएसी का कैंप भी था। घटना के दिन भी गांव के पास पीएसी का कैंप पड़ा था। (संवाद)
डकैत तहसीलदार को मिल चुकी सजा
चित्रकूट। मृतक रामप्रकाश के पुत्र अजीत ने बताया कि इस मामले मेेंं डकैत तहसीलदार व उनके पिता व भाई भी आरोपी थे। जिनको आजीवन कारावास की सजा हुई थी। वह इस समय जमानत पर हैं। जबकि राधे फरार थे।
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33 साल पुराने डबल मर्डर के मामले में अदालत से जारी वारंट के आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर शाम को रिमांड कोर्ट में प्रस्तुत किया। अदालत ने उसे दो दिन जेल भेजकर सोमवार को फिर से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
वर्ष 2009 में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर 14 साल जेल काटकर छूटे डाकू राधे उर्फ सूबेदार सिंह को शुक्रवार को रैपुरा थाने की पुलिस ने उसके घर के पास से पकड़ा था। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि 1990 में हुए डबल मर्डर मामले में अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर उन्हें पकड़ा गया है। शनिवार को उन्हें रिमांड कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। जज अंजलिका प्रियदर्शनी ने उन्हें दो दिन की जेल भेजने के आदेश दिए हैं। सोमवार को मामले में संबंधित अदालत में पेशी करने के भी आदेश दिए हैं।
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राधे उर्फ सूबेदार के अधिवक्ता चंद्रिका प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि उनके मुव्वकिल को फर्जी पुराने मामले में फंसाने की साजिश रची गई है। अदालत में इसका सही फैसला होगा। इस मामले में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है।
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कचहरी में लगी रही भीड़, पुलिस को बार-बार बदलनी राधे को ले जाने की योजना
चित्रकूट। इस मामले को लेकर दिन भर डाकू राधे व उनके परिजनों व शुभचिंतकों की भीड़ रैपुरा थाना व कोतवाली परिसर के साथ ही कचहरी परिसर में रही। कई बार रैपुरा पुलिस ने राधे को गाड़ी में बैठाकर मुख्यालय ले जाने का प्रयास किया लेकिन भीड़ के कारण हर बार योजना बदलनी पड़ी। एक बार तो पुलिस उसे लेकर पांच किमी तक आ गई फिर अचानक पुलिस वाहन लौटने लगे।
पुलिस वाहनों के पीछे लगे राधे के परिजनों के वाहन भी पुलिस वाहनों के पीछे लौटे। कई लोगों ने एनकाउंटर की आशंका जताई तो कई ने गाड़ी पलटने की आशंका जताई। कोतवाली परिसर में भी उसे कड़ी सुरक्षा में रखा गया। शनिवार को अदालत में अवकाश होने के कारण शाम को रिमांड कोर्ट में उसे प्रस्तुत किया गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने पत्रकारों से बातचीत नहीं करने दी।
राधे गैंग ने दोहरा हत्याकांड कर पुलिस को दी थी चुनौती
चित्रकूट। पाठा क्षेत्र में ददुआ के दाहिने हाथ दस्यु राधे का कई साल तक आतंक रहा। जो पुलिस को खुली चुनौती देता रहा। गैंग के सदस्यों ने उन्नायन बन्ना गांव में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। जिसमें गांव के प्रधान सहित उनके साथी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। गैंग के सदस्य रोहणी प्रसाद उर्फ तहसीलदार उन्नायन बन्ना का ही रहने वाला था। गांव का प्रधान राम प्रकाश मिश्रा गैंग की धमकियों से डरता नहीं था।
इसी बात से गैंग के सदस्य खुन्नस रखते थे। जिसमें 20 नवंबर 1990 को प्रधान रामप्रकाश मिश्रा व जानकी प्रसाद मिश्रा खेत को देखने गए थे। वही पर गैंग पहले से घात लगाए बैठे था। जिन पर गैंग के सदस्यों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या कर दिया था। गांव में पीएसी का कैंप भी था। घटना के दिन भी गांव के पास पीएसी का कैंप पड़ा था। (संवाद)
डकैत तहसीलदार को मिल चुकी सजा
चित्रकूट। मृतक रामप्रकाश के पुत्र अजीत ने बताया कि इस मामले मेेंं डकैत तहसीलदार व उनके पिता व भाई भी आरोपी थे। जिनको आजीवन कारावास की सजा हुई थी। वह इस समय जमानत पर हैं। जबकि राधे फरार थे।