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बलखड़िया के साथ आतंक के तीसरे अध्याय का समापन

Thu, 16 Jul 2015 11:41 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट Updated Thu, 16 Jul 2015 11:41 PM IST
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With the conclusion of the third chapter of terror Balkhdia

बीहड़ों में आतंक की फसल हमेशा से फलती फूलती रही है। बेरोजगारी और अशिक्षा के साथ राजनीतिक संरक्षण से इसे खाद पानी मिलता रहा है।

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ऐसे में बलखड़िया की मौत के बाद यहां से डाकुओं का पूरी तरह से खात्मा हो जाएगा, यह बात आम आदमी तो क्या पुलिस भी नहीं मानेगी।

वैसे तो यहां के लोगों के जेहन में तमाम डाकुओं के नाम हैं, जिन्होंने काले कारनामों से दहशत फैलाई पर बलखड़िया की मौत से यह माना जा सकता है कि जिले से आतंक के तीसरे बड़े अध्याय का समापन हो चुका है।

सुदेश पटेल उर्फ बालखड़े उर्फ बलखड़िया से पहले यहां पर शिवकुमार पटेल उर्फ ददुआ और ठोकिया उर्फ अंबिका पटेल उर्फ डाक्टर दो ऐसे नाम हैं, जिन्होंने यूपी और एमपी की सीमा में खूब दहशत फैलाई थी।

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