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सतना जिला प्रभारी मंत्री का दावा, तीन दिन में मिलेगी सफलता
Tue, 19 Feb 2019 11:00 PM IST
akhilesh अखिलेश यादव
सतना जिला प्रभारी मंत्री का दावा, तीन दिन में मिलेगी सफलता
सतना जिला प्रभारी मंत्री का दावा, तीन दिन में मिलेगी सफलता
Published by: akhilesh अखिलेश यादव
Updated Tue, 19 Feb 2019 11:00 PM IST
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संत
- फोटो : Amarujala
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले की सीमाक्षेत्र जानकीकुंड से दिनदहाड़े अपहृत जुड़वा मासूम भाइयों की तलाश में आठवें दिन 200 घंटे बाद भी पुलिस सिर्फ खाली लाठी पीटती रही। अब पुलिस अधिकारियों ने भी भगवान के दरबार में हाजिरी लगाकर बच्चों और बदमाशों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। मप्र के सतना जिला प्रभारी मंत्री ने पुलिस का साथ देते हुए कहा कि अपहरण कांड में पीड़ित परिवार के करीबियों की संलिप्तता है। बच्चों को किसी भी नुकसान से बचाने के लिए पुलिस फूंक फूंककर कदम उठा रही है। दावा किया कि तीन दिन के अंदर सफलता मिल जाएगी।
बीते मंगलवार जानकीकुंड के स्कूल परिसर से दिनदहाड़े दो नकाबपोश बदमाशों ने बस से तेल उद्यमी बृजेश रावत के जुड़वां पुत्र प्रियांश व श्रेयांश को अपहरण कर लिया था। अब दूसरा मंगलवार बीत गया लेकिन अपहृत भाइयों का कोई सुराग नहीं लगा है। यूपी-एमपी के पुलिस अधिकारियों के अलावा एसटीएफ, गुप्तचर एजेंसी व सीआरपीएफ इनकी तलाश कर रही है। अब धीरे-धीरे शक की सुई चित्रकूट व सतना जिले से बाहर बांदा व फतेहपुर जिले की ओर जाने से पुलिस की मु़श्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार मप्र सरकार के सतना जिला प्रभारी मंत्री लखन घनघोरिया ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि अपहरण कांड में उद्यमी के करीबियों का हाथ है। पुलिस तह तक पहुंच चुकी है लेकिन बच्चों की जानमाल की सुरक्षा के लिए संभल कर काम कर रही है। तीन दिन के अंदर बच्चे सकुशल लौट आएंगे और अपराधी जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
उधर चित्रकूट व सतना जिले की पुलिस टीमों ने जंगल से लेकर सभी संदिग्ध स्थानों पर कांबिंग कर अपहरणकर्ताओं की तलाश की। मानिकपुर, मारकुंडी व बहिलपुरवा पुलिस टीम के अलावा भरतकूप व शिवरामपुर पुलिस चौकी की टीमों ने अपने इलाके में अपहृत बच्चों की तलाश की। मंगलवार चित्रकूटधाम के डीआईजी अनिल कुमार राय ने पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा व अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी के साथ मंदिरों में माथा टेका और जल्द ही अपहृत बच्चों की सकुशल वापसी की प्रार्थना की। इसी प्रकार सतना एसपी संतोष गौर ने भी परिक्रमा मार्ग समेत अन्य मंदिर व सूनसान वाले स्थानों पर छानबीन की।
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स्कूल में लगी बैरीकेटिंग, जाली के अंदर छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। 200 घंटे पहले सदगुरु पब्लिक स्कूल जानकीकुंड परिसर से जिस अंदाज में बाइक सवारों ने दो भाइयों का अपहरण किया है उससे स्थानीय सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे। मंगलवार को मप्र के कई पुलिस अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर फिर से प्रधानाचार्य समेत स्टाफ व कई बच्चों से बातचीत की। प्रधानाचार्य राकेश कुमार ने बताया कि अब स्कूल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कोई भी बाइक स्कूल के पास तक नहीं पहुंच पाएगी। इसके लिए दोनों ओर बैरीकेटिंग लगाई है। अभिभावक भी अपने बच्चों को लेने के लिए इसी बैरीकेटिंग के पास ही रूकेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस की जांच में स्टाफ पूरा सहयोग कर रहा है।
संत महंतों ने किया यज्ञ
खोही। अपहृत जुड़वा भाइयों की सलामती से घर वापसी के लिए मंगलवार को रामघाट पर कई संत महंतों ने यज्ञ व पूजन किया। सीताशरण महराज, दिव्यजीवन दास, बलरामदास, आनंददास के साथ एक दर्जन संतों ने हवन कर भगवान से दोनों बच्चों को सकुशल घर पहुंचाने की प्रार्थना की।
बदौसा से बांदा व फतेहपुर के बीच जांच
चित्रकूट। पुलिस टीमों ने अपहरणकर्ताओं की तलाश में जिले की सीमा के आसपास दूसरे बदौसा, अतर्रा, बांदा, कौशांबी व फतेहपुर के आसपास भी जानकारी ढूंढने का प्रयास किया है।
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चित्रकूट। जिले की सीमाक्षेत्र जानकीकुंड से दिनदहाड़े अपहृत जुड़वा मासूम भाइयों की तलाश में आठवें दिन 200 घंटे बाद भी पुलिस सिर्फ खाली लाठी पीटती रही। अब पुलिस अधिकारियों ने भी भगवान के दरबार में हाजिरी लगाकर बच्चों और बदमाशों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। मप्र के सतना जिला प्रभारी मंत्री ने पुलिस का साथ देते हुए कहा कि अपहरण कांड में पीड़ित परिवार के करीबियों की संलिप्तता है। बच्चों को किसी भी नुकसान से बचाने के लिए पुलिस फूंक फूंककर कदम उठा रही है। दावा किया कि तीन दिन के अंदर सफलता मिल जाएगी।
बीते मंगलवार जानकीकुंड के स्कूल परिसर से दिनदहाड़े दो नकाबपोश बदमाशों ने बस से तेल उद्यमी बृजेश रावत के जुड़वां पुत्र प्रियांश व श्रेयांश को अपहरण कर लिया था। अब दूसरा मंगलवार बीत गया लेकिन अपहृत भाइयों का कोई सुराग नहीं लगा है। यूपी-एमपी के पुलिस अधिकारियों के अलावा एसटीएफ, गुप्तचर एजेंसी व सीआरपीएफ इनकी तलाश कर रही है। अब धीरे-धीरे शक की सुई चित्रकूट व सतना जिले से बाहर बांदा व फतेहपुर जिले की ओर जाने से पुलिस की मु़श्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार मप्र सरकार के सतना जिला प्रभारी मंत्री लखन घनघोरिया ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि अपहरण कांड में उद्यमी के करीबियों का हाथ है। पुलिस तह तक पहुंच चुकी है लेकिन बच्चों की जानमाल की सुरक्षा के लिए संभल कर काम कर रही है। तीन दिन के अंदर बच्चे सकुशल लौट आएंगे और अपराधी जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
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उधर चित्रकूट व सतना जिले की पुलिस टीमों ने जंगल से लेकर सभी संदिग्ध स्थानों पर कांबिंग कर अपहरणकर्ताओं की तलाश की। मानिकपुर, मारकुंडी व बहिलपुरवा पुलिस टीम के अलावा भरतकूप व शिवरामपुर पुलिस चौकी की टीमों ने अपने इलाके में अपहृत बच्चों की तलाश की। मंगलवार चित्रकूटधाम के डीआईजी अनिल कुमार राय ने पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा व अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी के साथ मंदिरों में माथा टेका और जल्द ही अपहृत बच्चों की सकुशल वापसी की प्रार्थना की। इसी प्रकार सतना एसपी संतोष गौर ने भी परिक्रमा मार्ग समेत अन्य मंदिर व सूनसान वाले स्थानों पर छानबीन की।
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स्कूल में लगी बैरीकेटिंग, जाली के अंदर छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। 200 घंटे पहले सदगुरु पब्लिक स्कूल जानकीकुंड परिसर से जिस अंदाज में बाइक सवारों ने दो भाइयों का अपहरण किया है उससे स्थानीय सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे। मंगलवार को मप्र के कई पुलिस अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर फिर से प्रधानाचार्य समेत स्टाफ व कई बच्चों से बातचीत की। प्रधानाचार्य राकेश कुमार ने बताया कि अब स्कूल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कोई भी बाइक स्कूल के पास तक नहीं पहुंच पाएगी। इसके लिए दोनों ओर बैरीकेटिंग लगाई है। अभिभावक भी अपने बच्चों को लेने के लिए इसी बैरीकेटिंग के पास ही रूकेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस की जांच में स्टाफ पूरा सहयोग कर रहा है।
संत महंतों ने किया यज्ञ
खोही। अपहृत जुड़वा भाइयों की सलामती से घर वापसी के लिए मंगलवार को रामघाट पर कई संत महंतों ने यज्ञ व पूजन किया। सीताशरण महराज, दिव्यजीवन दास, बलरामदास, आनंददास के साथ एक दर्जन संतों ने हवन कर भगवान से दोनों बच्चों को सकुशल घर पहुंचाने की प्रार्थना की।
बदौसा से बांदा व फतेहपुर के बीच जांच
चित्रकूट। पुलिस टीमों ने अपहरणकर्ताओं की तलाश में जिले की सीमा के आसपास दूसरे बदौसा, अतर्रा, बांदा, कौशांबी व फतेहपुर के आसपास भी जानकारी ढूंढने का प्रयास किया है।