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करारी घाट में धड़ल्ले हो रहा है बालू खनन
चित्रकूट
Updated Wed, 13 Sep 2017 11:50 PM IST
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भरतकूप(चित्रकूट)। अधिकारी चाहे जितना कहें कि अवैध बालू खनन व ढुलान बंद है लेकिन चौकी क्षेत्र के करारी घाट से अवैध बालू खनन का कार्य रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की सांठगांठ से घाट से बालू निकालने का काम जारी है। इसे ट्रैक्टरों में लादकर बेचने का कार्य हो रहा है।
खनिज विभाग का मानना है कि काफी हद तक अवैध खनन पर रोक लगाई जा चुकी है। शेष काम भी जल्द पूरा होगा।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी जिले के आलाधिकारियों को नहीं है। लेकिन अधिकारियों की चुप्पी की वजह से खनन माफिया और सक्रिय होते जा रहे हैं। गोंडा निवासी राजकुमार व करारी निवासी सुरेश चंद्र ने आरोप लगाया कि अवैध खनन से खनिज विभाग को लाखों रुपये का चूना लग रहा है।
करारी गांव के बगल से बागे नदी निकली है। जहां पांच वर्ष पूर्व बालू घाट का ठेका हुआ करता था। विभाग को लाखों रुपये की आमदनी हुआ करती थी। जिसका फायदा इस समय के खनन माफिया कर रहे हैं। वैसे तो क्षेत्रों में जंगलों व कई नाले निकले हैं। जिसमें पहरा गांव में नदी से बालू निकल रही है। व बरुई मानपुर फाटापुरवा नालों से बालू निकल रही है। उपरोक्त स्थलों का ठेका विभाग द्वारा किया जाए तो लाखों रुपये का राजस्व मिल सकता है। क्षेत्रवासियों ने समय समय पर अधिकारियों से इस अवैध खनन में हस्ताक्षेप की मांग की गई। लेकिन नतीजा शून्य रहा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
चित्रकूट। इस मामले में जिला खनिज अधिकारी मिथलेश पंाडेय ने बताया कि करारी घाट के आसपास से अवैध बालू ढुलान की कुछ सूचनाएं मिली हैं। जिस पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। हाल ही में लगभग 90 ट्रैक्टर डंप बालू जब्त की गई थी। वैसे तो अवैध बालू खनन पर काफी नियंत्रण कर लिया गया है। बचे काम को भी जल्द पूरा करने की योजना बनाई गई है।
खनिज विभाग का मानना है कि काफी हद तक अवैध खनन पर रोक लगाई जा चुकी है। शेष काम भी जल्द पूरा होगा।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी जिले के आलाधिकारियों को नहीं है। लेकिन अधिकारियों की चुप्पी की वजह से खनन माफिया और सक्रिय होते जा रहे हैं। गोंडा निवासी राजकुमार व करारी निवासी सुरेश चंद्र ने आरोप लगाया कि अवैध खनन से खनिज विभाग को लाखों रुपये का चूना लग रहा है।
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करारी गांव के बगल से बागे नदी निकली है। जहां पांच वर्ष पूर्व बालू घाट का ठेका हुआ करता था। विभाग को लाखों रुपये की आमदनी हुआ करती थी। जिसका फायदा इस समय के खनन माफिया कर रहे हैं। वैसे तो क्षेत्रों में जंगलों व कई नाले निकले हैं। जिसमें पहरा गांव में नदी से बालू निकल रही है। व बरुई मानपुर फाटापुरवा नालों से बालू निकल रही है। उपरोक्त स्थलों का ठेका विभाग द्वारा किया जाए तो लाखों रुपये का राजस्व मिल सकता है। क्षेत्रवासियों ने समय समय पर अधिकारियों से इस अवैध खनन में हस्ताक्षेप की मांग की गई। लेकिन नतीजा शून्य रहा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
चित्रकूट। इस मामले में जिला खनिज अधिकारी मिथलेश पंाडेय ने बताया कि करारी घाट के आसपास से अवैध बालू ढुलान की कुछ सूचनाएं मिली हैं। जिस पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। हाल ही में लगभग 90 ट्रैक्टर डंप बालू जब्त की गई थी। वैसे तो अवैध बालू खनन पर काफी नियंत्रण कर लिया गया है। बचे काम को भी जल्द पूरा करने की योजना बनाई गई है।