रत्नागिरी एक्सप्रेस दो हिस्सों में बंटी
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चित्रकूट। चेन पुलिंग के दौरान मुंबई से बनारस जा रही सुपरफास्ट रत्नागिरी एक्सप्रेस के कोच की कपलिंग टूट गई। इससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। आधे डिब्बे इंजन के साथ आगे निकल गए जबकि आधे प्लेटफार्म के पास खड़े रहे। इसकी जानकारी होते ही यात्रियों समेत अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तीन घंटे बाद एक बोगी को हटाकर ट्रेन को आगे रवाना किया गया। शुक्रवार की देर रात्रि को लगभग डेढ़ बजे मुंबई से बनारस जा रही 12165 डाउन सुपरफास्ट रत्नागिरी एक्सप्रेस जैसे ही मानिकपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो की ओर पहुंची तो किसी ने चेन पुलिंग कर दी जिससे ट्रेन धीरे-धीरे कर रुकने लगी तभी एस-2 व एस-3 को जोड़ने वाली कंपलिंग टूट गई।
इससे इंजन समेत लगभग 14 डिब्बे की बढ़ गए। इधर दस डिब्बे ट्रेन से कटने के बाद धीरे-धीरे प्लेटफार्म नंबर दो तक पहुंचे। यह देखकर वहां मौजूद स्टाफ ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। किसी तरह इंजन चालक को सूचना देकर ट्रेन रुकवाई गई। ट्रेन को बैक कर प्लेटफार्म नंबर दो पर लाया गया। इस बीच तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। ड्यूटी में मौजूद सहायक स्टेशन मास्टर कल्लूराम ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। तीन घंटे के प्रयास के बाद भी टूटी कंपलिंग नहीं बन सकी तो आखिर में रेलकर्मियों ने एस-2 की बोगी को हटवाकर प्लेटफार्म नंबर पांच पर खड़ी कराई। स्टेशन मास्टर जवाहर लाल ने बताया कि इसके बाद बोगी एस-1 और एस-3 को आपस में जोड़कर ट्रेन सकुशल रवाना कर दी गई। एस-2 के यात्रियों को एक व तीन नंबर की बोगी में शिफ्ट कराया गया। इस दौरान यात्रियों के पानी व चाय का इंतजाम किया गया था। इस मौके पर जीआरपी प्रभारी जेपी सिंह व आरपीएफ प्रभारी एसएन दुबे यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्टाफ के साथ मौजूद रहे।
अक्सर करते हैं चेन पुलिंग
चित्रकूट। मानिकपुर जंक्शन में इस सुपरफास्ट ट्रेन का स्टापेज नहीं है। इसके बावजूद ट्रेन में चलने वाले कुछ लोग जैसे ही स्टेशन आने को होता है तो अक्सर चेन पुलिंग कर देते हैं और आसानी से उतर जाते हैं। रत्नागिरी के अलावा आधा दर्जन ट्रेनें हैं जिनका स्टापेज नहीं है लेकिन सभी को आउटर के आसपास इसी तरह चेन पुलिंग कर रोका जाता है। इस मामले में एसएम जवाहर लाल ने कहा कि रेलवे के उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी जा चुकी है।