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न जहर खिलाया न तेजाब डाला, सोते समय की थी हत्या
चित्रकूट
Updated Sat, 29 Apr 2017 11:26 PM IST
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ग्रामीणों से चर्चा करते वन व पुलिस के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। राजापुर के अमान गांव में चार मासूम समेत पांच की निर्मम हत्या के बाद पोस्टमार्टम से स्पष्ट हो गया है कि चारों बच्चों को सोते समय धारदार हथियार से गला रेतकर ही हत्या हुई है। महिला की हत्या की पोस्टमार्टम रिपोर्ट रविवार को मिलेगी। अनुमान यही है कि सभी की हत्या एक ही स्टाइल में एक ही हथियार से की गई है
हत्या के पहले किसी को जहर खिलाने की पुष्टि नहीं है और शरीर में तेजाब भी नहीं डाला गया है।
बता दें कि मंगलवार की सुबह अमान व सिकरी गांव के पास दो बोरे में चार बच्चों के शव मिले और दूसरे दिन बोरे में ही इन बच्चों की मां का शव तालाब में उतराता मिला था। जिसमें पुलिस छानबीन कर स्पष्ट कर चुकी है कि मृतका ही इन बच्चों की मां है और इन सबको गांव का अवधेश यादव गुजरात से लेकर आया था।
कथित रूप से इसी ने अपनी पत्नी मंटूूदेवी के साथ मिलकर गला रेतकर हत्या की और सभी के शव फेंककर गायब हो गए। शुक्रवार की देर शाम को चारों बच्चों का पोस्टमार्टम किया गया। सीओ महेंद्र शुक्ला ने बताया कि चारों बच्चों की हत्या गला रेतकर की गई। सोते समय ही हत्या हुई किसी को जहर नहीं दिया गया और तेजाब भी नहीं डाला गया। गले की रक्त और सांस नली कटने से ही मौत हुई है।
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यह पूरी संभावना है कि पहले आरोपी अवधेश व उसकी पत्नी ने सोते समय बच्चों की मां रानीदेवी को इसी अंदाज में मारा फिर बच्चाें को पकड़कर मार दिया। बच्चों के गले में धारदार हथियार के दो से तीन गहरे वार किए गए हैं।
सभी बच्चों के गले में लगभग दो इंच गहरा घाव था जिससे नली का कटना स्वाभाविक है। जिला अस्पताल के डॉ. पीडी चौधरी व डॉ. एचसी अग्रवाल का मानना है कि यदि अचानक गले में इतना गहरा घाव हो जाए तो इंसान न तो चीख सकता है और न ही सांस ले पाता है। कुछ ऐसा ही इस मामले में हुआ है।
सोते समय ऐसी जगह हमला किया गया कि बच्चे चीख भी नहीं पाए। शरीर के कुछ हिस्सों के काले पड़ने के पीछे तेजाब का डालना नहीं है बल्कि बोरे व जमीन की रगड़ के अलावा दो दिन बाद शव मिलने से दाग आए हैं।
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चित्रकूट। राजापुर के अमान गांव में चार मासूम समेत पांच की निर्मम हत्या के बाद पोस्टमार्टम से स्पष्ट हो गया है कि चारों बच्चों को सोते समय धारदार हथियार से गला रेतकर ही हत्या हुई है। महिला की हत्या की पोस्टमार्टम रिपोर्ट रविवार को मिलेगी। अनुमान यही है कि सभी की हत्या एक ही स्टाइल में एक ही हथियार से की गई है
हत्या के पहले किसी को जहर खिलाने की पुष्टि नहीं है और शरीर में तेजाब भी नहीं डाला गया है।
बता दें कि मंगलवार की सुबह अमान व सिकरी गांव के पास दो बोरे में चार बच्चों के शव मिले और दूसरे दिन बोरे में ही इन बच्चों की मां का शव तालाब में उतराता मिला था। जिसमें पुलिस छानबीन कर स्पष्ट कर चुकी है कि मृतका ही इन बच्चों की मां है और इन सबको गांव का अवधेश यादव गुजरात से लेकर आया था।
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कथित रूप से इसी ने अपनी पत्नी मंटूूदेवी के साथ मिलकर गला रेतकर हत्या की और सभी के शव फेंककर गायब हो गए। शुक्रवार की देर शाम को चारों बच्चों का पोस्टमार्टम किया गया। सीओ महेंद्र शुक्ला ने बताया कि चारों बच्चों की हत्या गला रेतकर की गई। सोते समय ही हत्या हुई किसी को जहर नहीं दिया गया और तेजाब भी नहीं डाला गया। गले की रक्त और सांस नली कटने से ही मौत हुई है।
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यह पूरी संभावना है कि पहले आरोपी अवधेश व उसकी पत्नी ने सोते समय बच्चों की मां रानीदेवी को इसी अंदाज में मारा फिर बच्चाें को पकड़कर मार दिया। बच्चों के गले में धारदार हथियार के दो से तीन गहरे वार किए गए हैं।
सभी बच्चों के गले में लगभग दो इंच गहरा घाव था जिससे नली का कटना स्वाभाविक है। जिला अस्पताल के डॉ. पीडी चौधरी व डॉ. एचसी अग्रवाल का मानना है कि यदि अचानक गले में इतना गहरा घाव हो जाए तो इंसान न तो चीख सकता है और न ही सांस ले पाता है। कुछ ऐसा ही इस मामले में हुआ है।
सोते समय ऐसी जगह हमला किया गया कि बच्चे चीख भी नहीं पाए। शरीर के कुछ हिस्सों के काले पड़ने के पीछे तेजाब का डालना नहीं है बल्कि बोरे व जमीन की रगड़ के अलावा दो दिन बाद शव मिलने से दाग आए हैं।