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पिता की मौत के बाद पूरे परिवार का करता था भरण पोषण
अमर उजाला चित्रकूट
Updated Sat, 04 Feb 2017 11:30 PM IST
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गमगीन बैठा मृतक किसान का परिवार
- फोटो : amarujala
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किसान की हत्याकर शव बांध में फेंके जाने की जानकारी होने के बाद पूरे कोटराखांभा गांव में शोक व्याप्त है। सभी यह कयास लगा रहे हैं कि कहीं न कहीं मछली का शिकार करने वालों के बीच हुए किसी विवाद में ही इसकी हत्या की गई है। शाम को सैकड़ों लोगों ने मृतक के परिजनों को ढांढ़स बंधाया। सीओ ने मृतक के घर जाकर आस पास के लोगों से भी जानकारी ली है।
थानाक्षेत्र के कोटरा के निवासियों ने बताया कि रामबालक निषाद सरल स्वभाव का था। अकेले परिवार का भरण पोषण करने के लिए खेती के अलावा मछली शिकार का ठेका लेने वालों के साथ भी रहकर कुछ रुपये कमाता था। इस ठेके में जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा है।
कई बार इसके ठेकेदारों के बीच मऊ क्षेत्र में विवाद हो चुका है। घर का अकेला भरण पोषण करने वाले किसान की मौत से उसका परिवार टूट सा गया है। एक साल पहले उसके पिता ने आत्महत्या की थी। पति व पुत्र की मौत एक साल के अंदर होने पर मृतक की मां बेलिया देवी की आंखों में आंसू बहते रहे।
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थानाक्षेत्र के कोटरा के निवासियों ने बताया कि रामबालक निषाद सरल स्वभाव का था। अकेले परिवार का भरण पोषण करने के लिए खेती के अलावा मछली शिकार का ठेका लेने वालों के साथ भी रहकर कुछ रुपये कमाता था। इस ठेके में जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा है।
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कई बार इसके ठेकेदारों के बीच मऊ क्षेत्र में विवाद हो चुका है। घर का अकेला भरण पोषण करने वाले किसान की मौत से उसका परिवार टूट सा गया है। एक साल पहले उसके पिता ने आत्महत्या की थी। पति व पुत्र की मौत एक साल के अंदर होने पर मृतक की मां बेलिया देवी की आंखों में आंसू बहते रहे।
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