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फोटो- 31 सीकेटीपी- 9 परिचय- आवास की गिरी पड़ी दीवार और मौजूद ग्रामीण।
Updated Wed, 01 Aug 2018 12:06 AM IST
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फोटो- 31 सीकेटीपी- 9 परिचय- आवास की गिरी पड़ी दीवार और मौजूद ग्रामीण।
सरकारी आवास की दीवार गिरने से वृद्धा की मौत
लगातार बारिश से मनगवां के छिवलहा पुुरवा में हुई घटना
अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर। लगातार बारिश से कमजोर आवास की दीवार भरभराकर गिर पड़ी। जिसके मलबे में दबने से वृद्धा की मौत हो गई। जानकारी होते ही तहसील कर्मी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी प्रशासन को दी। यह आवास प्रधानमंत्री आवास था। जो वर्ष 2012 में बना था। उस समय इस योजना का नाम इंदिरा आवास था।
मारकुंडी थानाक्षेत्र मनगवंा ग्राम पंचायत के छिवलहा मजरा निवासी तिजिया देवी (58) पत्नी स्व. शिवकुमार सोमवार की शाम को आवास के अंदर दीवार के पास लगी घास काट रही थी। बारिश से कमजोर हो चुकी दीवार अचानक भरभराकर वृद्धा पर ही गिरी। जिसमें दबकर वृद्धा की मौके पर मौत हो गई। घर में मौजूद उसकी बहू पैसुनिया जब तक मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों की मदद से सास को मलबे से बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी होते ही मानिकपुर ब्लाक व तहसील के अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों से पूछताछ के बाद रिपोर्ट प्रशासन को भेजी है। मृतका का एक पुत्र है।
परिजनों को मिलेगी नियमानुसार मदद
चित्रकूट। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि दो दिन की बारिश के दौरान दो घर गिरने की जानकारी हुई है। जिसमें सोमवार को चकलागुरु बाबा गांव में एक किसान की मौत हुई थी। शासन के नियमों के अनुसार मृतक के परिजन के बैंक खाते में चार लाख रुपये की सहायता का चेक भेजा गया है। मनगवां की घटना की जानकारी मिली है। इस पर भी नियमानुसार परिजनों को मदद दी जाएगी।
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आवास योजना निर्माण पर सवाल
मानिकपुर। ब्लाक क्षेत्र के मनगवंा छिवलहा में प्रधानमंत्री आवास की दीवार ढहने से वृद्धा की मौत के बाद अब यह सवाल भी उठ रहे हैं कि सरकारी धन से बने भवन कितने सुरक्षित हैं। ग्राम प्रधान कुसुमादेवी, सचिव योगेंद्र सिंह व रोजगार सेवक मिश्रीलाल ने बताया कि सन 2012 में पुरवावासी पैसुनिया देवी व दादूराम को आवंटित किया गया था। उस समय इस योजना का नाम इंदिरा आवास था। जिसमें दोनों को 48-48 हजार रुपये दिए जा चुके हैं। अब इस योजना का नाम प्रधानमंत्री आवास हो गया है।
मिट्टी से बनी थी ईंट की दीवार
मानिकपुर। प्रधानमंत्री आवास में वर्ष 2012 में 48 हजार रुपये पात्रों को दिए जाते थे। इतनी ही रकम से पूरा घर बनाना पड़ता था। मनगवंा के छिवलहा में हुई घटना में गिरी दीवार को देखने से स्पष्ट है कि इसमें सीमेंट बालू व गिट्टी का प्रयोग नहीं किया गया। सिर्फ मिट्टी से ईंट की दीवार बनाई गई थी जो लगातार बारिश के कारण कमजोर होने से गिरी।
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सरकारी आवास की दीवार गिरने से वृद्धा की मौत
लगातार बारिश से मनगवां के छिवलहा पुुरवा में हुई घटना
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मानिकपुर। लगातार बारिश से कमजोर आवास की दीवार भरभराकर गिर पड़ी। जिसके मलबे में दबने से वृद्धा की मौत हो गई। जानकारी होते ही तहसील कर्मी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी प्रशासन को दी। यह आवास प्रधानमंत्री आवास था। जो वर्ष 2012 में बना था। उस समय इस योजना का नाम इंदिरा आवास था।
मारकुंडी थानाक्षेत्र मनगवंा ग्राम पंचायत के छिवलहा मजरा निवासी तिजिया देवी (58) पत्नी स्व. शिवकुमार सोमवार की शाम को आवास के अंदर दीवार के पास लगी घास काट रही थी। बारिश से कमजोर हो चुकी दीवार अचानक भरभराकर वृद्धा पर ही गिरी। जिसमें दबकर वृद्धा की मौके पर मौत हो गई। घर में मौजूद उसकी बहू पैसुनिया जब तक मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों की मदद से सास को मलबे से बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी होते ही मानिकपुर ब्लाक व तहसील के अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों से पूछताछ के बाद रिपोर्ट प्रशासन को भेजी है। मृतका का एक पुत्र है।
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परिजनों को मिलेगी नियमानुसार मदद
चित्रकूट। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि दो दिन की बारिश के दौरान दो घर गिरने की जानकारी हुई है। जिसमें सोमवार को चकलागुरु बाबा गांव में एक किसान की मौत हुई थी। शासन के नियमों के अनुसार मृतक के परिजन के बैंक खाते में चार लाख रुपये की सहायता का चेक भेजा गया है। मनगवां की घटना की जानकारी मिली है। इस पर भी नियमानुसार परिजनों को मदद दी जाएगी।
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आवास योजना निर्माण पर सवाल
मानिकपुर। ब्लाक क्षेत्र के मनगवंा छिवलहा में प्रधानमंत्री आवास की दीवार ढहने से वृद्धा की मौत के बाद अब यह सवाल भी उठ रहे हैं कि सरकारी धन से बने भवन कितने सुरक्षित हैं। ग्राम प्रधान कुसुमादेवी, सचिव योगेंद्र सिंह व रोजगार सेवक मिश्रीलाल ने बताया कि सन 2012 में पुरवावासी पैसुनिया देवी व दादूराम को आवंटित किया गया था। उस समय इस योजना का नाम इंदिरा आवास था। जिसमें दोनों को 48-48 हजार रुपये दिए जा चुके हैं। अब इस योजना का नाम प्रधानमंत्री आवास हो गया है।
मिट्टी से बनी थी ईंट की दीवार
मानिकपुर। प्रधानमंत्री आवास में वर्ष 2012 में 48 हजार रुपये पात्रों को दिए जाते थे। इतनी ही रकम से पूरा घर बनाना पड़ता था। मनगवंा के छिवलहा में हुई घटना में गिरी दीवार को देखने से स्पष्ट है कि इसमें सीमेंट बालू व गिट्टी का प्रयोग नहीं किया गया। सिर्फ मिट्टी से ईंट की दीवार बनाई गई थी जो लगातार बारिश के कारण कमजोर होने से गिरी।