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किसान की संदिग्ध हालात में मौत, जाम लगाया
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भौंरी (चित्रकूट)। सदर कोतवाली क्षेत्र के ब्यूर गांव में किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर परिजनों ने दूसरे दिन गुरुवार को झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगाया। परिजनों का आरोप है कि कोरोना टीका लगने के बाद मौत हुई है। सूचना मिलने पर एसडीएम, सीओ व कोतवाल ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खत्म हुआ। इस दौरान लगभग एक घंटे तक जाम लगा रहा।
ब्यूर गांव निवासी किसान शिवाकांत (41) की बुधवार को घर में अचानक हालत बिगड़ गई। इस पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान शाम को उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को परिजनों ने झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। भाई रामबदन व विपिन ने आरोप लगाया कि तीन अगस्त को शिवाकांत ने प्राथमिक विद्यालय में लगे कैंप में कोरोना का टीका लगवाया था। चार अगस्त को अचानक हालत बिगड़ गई। शाम को जिला अस्पताल में मौत हो गई।
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जाम की सूचना पर पहुंचीं सदर एसडीएम पूजा यादव, सीओ सिटी शीतला प्रसाद पांडेय, कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। परिजनों की मांग थी कि टीका लगाने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई कर मुआवजा दिलाया जाए। अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। तब कहीं यातायात बहाल हो सका।
उधर, अपर सीएमओ डा. इम्त्यिाज अहमद ने बताया कि कोरोना का टीका लगने से कोई इंफेक्शन नहीं हुआ है। यह आरोप गलत हैं। कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के सही वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
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ब्यूर गांव निवासी किसान शिवाकांत (41) की बुधवार को घर में अचानक हालत बिगड़ गई। इस पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान शाम को उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को परिजनों ने झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। भाई रामबदन व विपिन ने आरोप लगाया कि तीन अगस्त को शिवाकांत ने प्राथमिक विद्यालय में लगे कैंप में कोरोना का टीका लगवाया था। चार अगस्त को अचानक हालत बिगड़ गई। शाम को जिला अस्पताल में मौत हो गई।
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जाम की सूचना पर पहुंचीं सदर एसडीएम पूजा यादव, सीओ सिटी शीतला प्रसाद पांडेय, कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। परिजनों की मांग थी कि टीका लगाने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई कर मुआवजा दिलाया जाए। अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। तब कहीं यातायात बहाल हो सका।
उधर, अपर सीएमओ डा. इम्त्यिाज अहमद ने बताया कि कोरोना का टीका लगने से कोई इंफेक्शन नहीं हुआ है। यह आरोप गलत हैं। कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के सही वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए लैब में भेजा गया है।