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‘मसालों के औषधीय उपयोग से बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता’
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चित्रकूट। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर दीनदयाल शोध संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र, जन शिक्षण संस्थान व आरोग्यधाम परिसर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। वेबिनार में कृषि वैज्ञानिक ने अपने-अपने सुझाव दिए।
वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रमुख डॉ. राजेन्द्र सिंह नेगी ने बहुउद्देशीय कृषि विधियों को आज की आवश्यकता बताते हुए सतना जिले के अंतर्गत कृषि के क्षेत्र में जो नवीनतम तकनीकी प्रयोग की है। किसानों को फल, सब्जी के माध्यम से प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों के बारे में बताया गया। संयोजक डॉ. हेमराज द्विवेदी ने बताया कि लघु वनोपज एवं आसानी से प्राप्त मसालों के औषधीय उपयोग से कोरोना जैसे संक्रमण से कैसे अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कैसे विकसित कर सकते हैं। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक अखिलेश जागरे ने किसानों को फसल संबंधित तकनीकी जिज्ञासा समाधान किया गया।
दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि आरोग्य धाम के कार्यकर्ताओं द्वारा मंदाकिनी नदी के किनारों पर हो रहे क्षरण एवं मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए सामूहिक श्रमदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. उत्तम कुमार त्रिपाठी ने किया। वहीं एक अन्य कार्यक्रम में चित्रकूट जनपद के चितरा ग्राम में जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट के माध्यम से प्रशिक्षित की गई छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरण किया गया तथा कोरोना को लेकर आवश्यक सावधानियों के संदर्भ में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में 38 स्वावलंबन केन्द्रों और जिले से 56 किसान जुडे़ रहे।
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वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रमुख डॉ. राजेन्द्र सिंह नेगी ने बहुउद्देशीय कृषि विधियों को आज की आवश्यकता बताते हुए सतना जिले के अंतर्गत कृषि के क्षेत्र में जो नवीनतम तकनीकी प्रयोग की है। किसानों को फल, सब्जी के माध्यम से प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों के बारे में बताया गया। संयोजक डॉ. हेमराज द्विवेदी ने बताया कि लघु वनोपज एवं आसानी से प्राप्त मसालों के औषधीय उपयोग से कोरोना जैसे संक्रमण से कैसे अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कैसे विकसित कर सकते हैं। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक अखिलेश जागरे ने किसानों को फसल संबंधित तकनीकी जिज्ञासा समाधान किया गया।
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दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि आरोग्य धाम के कार्यकर्ताओं द्वारा मंदाकिनी नदी के किनारों पर हो रहे क्षरण एवं मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए सामूहिक श्रमदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. उत्तम कुमार त्रिपाठी ने किया। वहीं एक अन्य कार्यक्रम में चित्रकूट जनपद के चितरा ग्राम में जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट के माध्यम से प्रशिक्षित की गई छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरण किया गया तथा कोरोना को लेकर आवश्यक सावधानियों के संदर्भ में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में 38 स्वावलंबन केन्द्रों और जिले से 56 किसान जुडे़ रहे।
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