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वाटर लाइन टूटने से दूषित जलापूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:23 PM IST
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शहर के पुरानी बाजार धुस मैदान के पास टूटी पाइप लाइन से बहता पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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शायद, अफसरों को पानी का मोल नहीं पता। तभी तो सूखे की मार झेल रहे जिले में लाखों की लीटर पानी नाली में बहकर बर्बाद हो गया। चार दिन से पुरानी बाजार के पास टूटी वाटर लाइन को जोड़ने का होश अफसरों को आज भी नहीं आया। पूछने पर जलकल विभाग व जलनिगम अफसर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने में जुट गए। विभाग की इस लापरवाही की सजा मंगलवार को जनता को भुगतनी पड़ी। सुबह नल खोलते ही दूषित पानी आने लगा। कपड़े से छानकर लोग किसी तरह इसे इस्तेमाल में लाए। पीने के पानी के लिए लोग हैंडपंप पर लाइन लगाने को मजबूर हुए।
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तीन दिनों से बाधित जलापूर्ति मंगलवार को शुरू हुई तो नलों से मटमैला पानी निकलने लगा। बीमारी फैलने की आशंका पर कई लोगों ने पानी ही नहीं भरा। शहर के शंकर बाजार, बल्दाऊगंज, जगदीश गंज, शंकर गंज, गोकुलपुरी, खटकाना, बस स्टैंड, पुरानी बाजार, सदर रोड़ व सीआईसी रोड़ समेत तरौंहा के सभी वार्डों में दूषित जलापूर्ति हुई। शहर के सुशील सिंह ने कहा कि गंगा पानी प्रयोग करने से बीमारी बढ़ेगी।
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अनूप दुबे ने बताया कि गंदा पानी आने के कारण उन लोगों ने पानी छानकर किसी तरह इस्तेमाल किया।
कुछ लोगों ने इसकी जानकारी जलकल विभाग को भी दी लेकिन अधिकारी इस सिर्फ इसलिए हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे क्योंकि मामला उनके विभाग का नहीं था। पुरानी बाजार के पास लिकेज लाइन से पानी बर्बाद होता देख लोग जिम्मेदारों को कोसने से भी नहीं कतराए और अफसरों को ही भला बुरा करने लगे। जनता का गुस्सा लाजिमी भी था क्योंकि पानी की किल्लत से जूझना आखिरी उन्हें ही पड़ रहा है।
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मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट
लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी का जलस्तर करीब एक फिट तक बढ़ गया है। रामघाट से की चार अतिरिक्त सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। सोमवती अमावस्या मेेले के अंतिम दिन मंदाकिनी में मौजूद जल पुलिस व गोताखोर अलर्ट दिखी और मंदाकिनी स्नान के लिए आए लोगों को आगाह करती रही।
मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश में कई दिनों से हो रही बारिश का असर दिखने लगा है। मंगलवार को मंदाकिनी नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने से रामघाट की सीढ़ियां पानी में डूबी दिखीं। जलस्तर बढ़ने की जानकारी होते ही जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया। बाढ़ की संभावना को देखते हुए नदी के आसपास स्थिति गांव के लोगों को भी सतर्क करने का काम शुरू किया गया है। उधर, अमावस्या मेले के लिए तैनात जल पुलिस व गोताखोरों को अलर्ट पर रखा गया है। जल पुलिस को किसी भी अनहोनी की जानकारी तुरंत देने के लिए कहा गया है। उधर, स्थानीय अरूण गुप्ता के अनुसार, पैयुस्वनी नदी का भी जल स्तर बढ़ रहा है। जानकारों की माने तो प्रदूषित होती मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से अब काफी हद तक इस नदी का प्रदूषण भी कम होगा।