{"_id":"6a5fb91fa00e5b11010f75dc","slug":"construction-of-tribal-huts-at-tulsi-waterfall-completed-tourists-to-get-amenities-chitrakoot-news-c-215-1-aur1007-133952-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स का निर्माण पूरा, पर्यटकों को मिलेगी सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स का निर्माण पूरा, पर्यटकों को मिलेगी सुविधाएं
विज्ञापन
फोटो 21 सीकेटीपी 07 तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स का भवन। संवाद
फोटो 21 सीकेटीपी 07 तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स का भवन। संवाद
-अब नहीं लगाना पड़ेगा 50-60 किमी का चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मानिकपुर पाठा क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के लिए बनकर तैयार हुए तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स का हैंडओवर जल्द होगा। इसके शुरू होने से तुलसी जलप्रपात, धारकुंडी आश्रम और रानीपुर टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों को अब रुकने-खाने की दिक्कत नहीं होगी। अभी तक इन पर्यटन स्थलों पर ठहरने की कोई व्यवस्था न होने के कारण पर्यटकों को रोजाना 50 से 60 किमी का चक्कर लगाकर मुख्यालय वापस आना पड़ता था। फिर अगले दिन दोबारा घूमने जाना पड़ता था।
पाठा क्षेत्र पर्यटन विकास परियोजना के तहत तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इकाई बांदा ने 415.98 लाख रुपये की लागत से एक साल पहले शुरू किया था। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल रंगाई-पुताई का काम शेष है। संस्था ने हैंडओवर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रक्रिया पूरी होते ही ग्राम पंचायत इसका संचालन करेगी। ट्राइबल हट्स में पर्यटकों के लिए कार्यालय भवन, स्थायी व अस्थायी शेड, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, विश्राम गृह, प्रवेश द्वार, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, साइनेज, बेंच, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, बाउंड्रीवाल, फूड कोर्ट, हॉर्टिकल्चर और अन्य आवश्यक पर्यटन सुविधाओं का निर्माण कराया है।
-- -- -- -
तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स रखा नाम
डीएम पुलकित गर्ग ने कुछ दिन पहले निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया था। तब इसका नाम तय नहीं था। पर्यटकों को स्थानीय प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने के लिए डीएम ने इसका नाम तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स रखने का प्रस्ताव पास किया। इससे निकटवर्ती तुलसी जलप्रपात से इसकी विशिष्ट पहचान बनेगी और पर्यटकों को एक अलग अनुभव मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
-अब नहीं लगाना पड़ेगा 50-60 किमी का चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मानिकपुर पाठा क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के लिए बनकर तैयार हुए तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स का हैंडओवर जल्द होगा। इसके शुरू होने से तुलसी जलप्रपात, धारकुंडी आश्रम और रानीपुर टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों को अब रुकने-खाने की दिक्कत नहीं होगी। अभी तक इन पर्यटन स्थलों पर ठहरने की कोई व्यवस्था न होने के कारण पर्यटकों को रोजाना 50 से 60 किमी का चक्कर लगाकर मुख्यालय वापस आना पड़ता था। फिर अगले दिन दोबारा घूमने जाना पड़ता था।
पाठा क्षेत्र पर्यटन विकास परियोजना के तहत तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इकाई बांदा ने 415.98 लाख रुपये की लागत से एक साल पहले शुरू किया था। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल रंगाई-पुताई का काम शेष है। संस्था ने हैंडओवर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रक्रिया पूरी होते ही ग्राम पंचायत इसका संचालन करेगी। ट्राइबल हट्स में पर्यटकों के लिए कार्यालय भवन, स्थायी व अस्थायी शेड, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, विश्राम गृह, प्रवेश द्वार, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, साइनेज, बेंच, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, बाउंड्रीवाल, फूड कोर्ट, हॉर्टिकल्चर और अन्य आवश्यक पर्यटन सुविधाओं का निर्माण कराया है।
विज्ञापन
तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स रखा नाम
डीएम पुलकित गर्ग ने कुछ दिन पहले निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया था। तब इसका नाम तय नहीं था। पर्यटकों को स्थानीय प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने के लिए डीएम ने इसका नाम तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स रखने का प्रस्ताव पास किया। इससे निकटवर्ती तुलसी जलप्रपात से इसकी विशिष्ट पहचान बनेगी और पर्यटकों को एक अलग अनुभव मिलेगा।
विज्ञापन