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सीएम के 30 घंटे भाजपा के बढ़ा सकते हैं वोट
चित्रकूट
Updated Mon, 23 Oct 2017 10:56 PM IST
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बनाड़ी गांव में बात करते सीएम योगी
- फोटो : amarujala
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चित्रकूट। बुंदेलखंड में मुख्यमंत्री के 30 घंटे निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा में नया जोश भर गए। अगले माह होने वाले चुनाव में अब भाजपा और जोश व जज्बे के साथ उतरेगी। हालांकि मुख्यमंत्री ने तीनों जनपदों के कार्यक्रमों में कहीं निकाय चुनाव की चर्चा नहीं की लेकिन अपनी सरकार की योजनाओं और बुंदेलियों को लुभाने वाले भाषणों का सीधा फायदा चुनाव में नजर आएगा।
रविवार और सोमवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड में बिताए। उनका पूरा समय सरकार की योजनाओं के प्रचार वाले आयोजनों और धार्मिक क्रियाकलापों में बीता। रविवार को हमीरपुर और चरखारी (महोबा) में आयोजित जनसभाओं में जो भाषण दिए कमोवेश वही सोमवार को भी दोहराया। इस दौरान कुछ एक छोटी-मोटी योजनाओं को छोड़कर बुंदेलखंड के लिए कोई बड़ी योजना की घोषणा नहीं हुई। न ही बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित किया गया और न यहां के सभी किसानों के कर्जमाफी की मांग पूरी हुई। अलबत्ता मुख्यमंत्री ने हरेक जिले में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करके उनकी क्रेडिट प्रदेश की भाजपा सरकार को देनी की भरपूर कोशिश की।
मुख्यमंत्री इसके पूर्व मई माह में भी बुंदेलखंड आए थे। तब उन्होंने बांदा का भ्रमण किया था। वह दौरा भी उनका कमोवेश इसी तर्ज पर रहा था। इस वर्ष भी बुंदेलखंड में सूखे के हालात के मद्देनजर यहां के किसानों को भरपूर उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित कर देंगे। इससे तमाम राहतों का रास्ता खुल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दौरे के अंतिम दिन और अंतिम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में सिर्फ इतना ही कहा कि उनकी सरकार सूखे के बारे में गंभीरता से विचार करेगी। लघु-सीमांत की तरह बड़े किसानों के कर्ज भी माफ करने की उम्मीदों पर मुख्यमंत्री खरे नही उतरे।
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रविवार और सोमवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड में बिताए। उनका पूरा समय सरकार की योजनाओं के प्रचार वाले आयोजनों और धार्मिक क्रियाकलापों में बीता। रविवार को हमीरपुर और चरखारी (महोबा) में आयोजित जनसभाओं में जो भाषण दिए कमोवेश वही सोमवार को भी दोहराया। इस दौरान कुछ एक छोटी-मोटी योजनाओं को छोड़कर बुंदेलखंड के लिए कोई बड़ी योजना की घोषणा नहीं हुई। न ही बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित किया गया और न यहां के सभी किसानों के कर्जमाफी की मांग पूरी हुई। अलबत्ता मुख्यमंत्री ने हरेक जिले में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करके उनकी क्रेडिट प्रदेश की भाजपा सरकार को देनी की भरपूर कोशिश की।
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मुख्यमंत्री इसके पूर्व मई माह में भी बुंदेलखंड आए थे। तब उन्होंने बांदा का भ्रमण किया था। वह दौरा भी उनका कमोवेश इसी तर्ज पर रहा था। इस वर्ष भी बुंदेलखंड में सूखे के हालात के मद्देनजर यहां के किसानों को भरपूर उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित कर देंगे। इससे तमाम राहतों का रास्ता खुल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दौरे के अंतिम दिन और अंतिम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में सिर्फ इतना ही कहा कि उनकी सरकार सूखे के बारे में गंभीरता से विचार करेगी। लघु-सीमांत की तरह बड़े किसानों के कर्ज भी माफ करने की उम्मीदों पर मुख्यमंत्री खरे नही उतरे।
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