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Chitrakoot News: कांशीराम कॉलोनी परिसर में सफाई अभियान शुरू
Fri, 01 May 2026 12:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 01 May 2026 12:36 AM IST
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फोटो-30 सीकेटीपी 11 मानिकपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी में सफाई करती जेसीबी। संवाद
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मानिकपुर। मानिकपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी की बदहाली पर अमर उजाला में खबर छपने के बाद सरकारी मशीनरी हरकत में आई है। चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त अजीत कुमार ने मामले का संज्ञान लिया। उनके आदेश पर कॉलोनी परिसर में सफाई अभियान शुरू हो गया।
जेसीबी और करीब 30 सफाईकर्मियों की टीम ने परिसर में फैली गंदगी को साफ किया। कांशीराम कॉलोनी का निर्माण वर्ष 2015-16 में हुआ था। इसमें पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। कार्यदायी संस्था ने 562 लाख रुपये खर्च न होने पर यह राशि शासन को वापस कर दी थी। सुविधाओं के अभाव में कॉलोनी को हैंडओवर नहीं किया जा सका।
जलापूर्ति और विद्युतीकरण के लिए कई पत्र भेजे गए, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अमर उजाला ने लगातार खबरें प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान खींचा था। कार्यकारी अधिकारी भारत सिंह के नेतृत्व में सफाई कार्य शुरू हुआ। परिसर में इतनी गंदगी थी कि शाम तक पूरी तरह साफ नहीं हो सका। यह अभियान दूसरे दिन भी जारी रहेगा।
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जिलाधिकारी ने तलब की रिपोर्ट
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कांशीराम कॉलोनी के मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कार्यदायी संस्था उप्र आवास एवं विकास परिषद बांदा के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार गौर को तलब किया है। अभियंता को सभी संबंधित अभिलेखों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने अभिलेखों की जांच के बाद बिंदुवार रिपोर्ट तैयार कर दो दिन के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है।
सुविधाओं का अभाव
नगर पंचायत मानिकपुर के अधिशासी अधिकारी भारत सिंह ने बताया कि कॉलोनी में निर्माण के बाद से पेयजल और बिजली की व्यवस्था नहीं की गई थी। इन आवश्यक सुविधाओं के बिना कॉलोनी निवासियों को सौंपी नहीं जा सकी। कार्यदायी संस्था द्वारा 562 लाख रुपये खर्च न कर पाने के कारण उन्हें शासन को वापस कर दिया गया था। अधिकारियों के निर्देश के बाद कॉलोनी परिसर की साफ-सफाई कराई जा रही है।
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जेसीबी और करीब 30 सफाईकर्मियों की टीम ने परिसर में फैली गंदगी को साफ किया। कांशीराम कॉलोनी का निर्माण वर्ष 2015-16 में हुआ था। इसमें पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। कार्यदायी संस्था ने 562 लाख रुपये खर्च न होने पर यह राशि शासन को वापस कर दी थी। सुविधाओं के अभाव में कॉलोनी को हैंडओवर नहीं किया जा सका।
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जलापूर्ति और विद्युतीकरण के लिए कई पत्र भेजे गए, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अमर उजाला ने लगातार खबरें प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान खींचा था। कार्यकारी अधिकारी भारत सिंह के नेतृत्व में सफाई कार्य शुरू हुआ। परिसर में इतनी गंदगी थी कि शाम तक पूरी तरह साफ नहीं हो सका। यह अभियान दूसरे दिन भी जारी रहेगा।
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जिलाधिकारी ने तलब की रिपोर्ट
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कांशीराम कॉलोनी के मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कार्यदायी संस्था उप्र आवास एवं विकास परिषद बांदा के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार गौर को तलब किया है। अभियंता को सभी संबंधित अभिलेखों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने अभिलेखों की जांच के बाद बिंदुवार रिपोर्ट तैयार कर दो दिन के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है।
सुविधाओं का अभाव
नगर पंचायत मानिकपुर के अधिशासी अधिकारी भारत सिंह ने बताया कि कॉलोनी में निर्माण के बाद से पेयजल और बिजली की व्यवस्था नहीं की गई थी। इन आवश्यक सुविधाओं के बिना कॉलोनी निवासियों को सौंपी नहीं जा सकी। कार्यदायी संस्था द्वारा 562 लाख रुपये खर्च न कर पाने के कारण उन्हें शासन को वापस कर दिया गया था। अधिकारियों के निर्देश के बाद कॉलोनी परिसर की साफ-सफाई कराई जा रही है।

फोटो-30 सीकेटीपी 11 मानिकपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी में सफाई करती जेसीबी। संवाद