{"_id":"63485bb24a38716a703df9af","slug":"chitrakoot-with-the-sight-of-the-moon-prayed-for-the-long-life-of-the-husband-chitrakoot-news-knp723120178","type":"story","status":"publish","title_hn":"चांद के दीदार के साथ मांगी पति के दीर्घायु की दुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चांद के दीदार के साथ मांगी पति के दीर्घायु की दुआ
विज्ञापन
चित्रकूट। पति के दीर्घायु के लिए परंपरागत तरीके से करवा चौथ का पर्व बनाया गया। महिलाओं ने देर शाम को चांद दिखते ही चांद को अर्घ्य दिया। करवा चौथ पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया। पति पत्नी के साथ सेल्फी भी खूब लिया।
पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया। महिलाएं चलनी से पति के दीदार किए। इसके बाद मोबाइल से सेल्फी भी लिया। महंत दिव्य जीवनदास व कथावाचक नवलेश दीक्षित ने बताया कि इस बार करवा चौथ पर कृतिका नक्षत्र व सिद्ध योग होने से करवाचौथ बेहद खास रहा। पं. रामभजन भारद्वाज ने बताया कि करवा चौथ दांपत्य जीवन मेें एक दूसरे के प्रति प्रेम व समर्पण का उत्सव है। यह पति पत्नी के बीच समानता व सामंजस्य का अनुष्ठान है।
करवा चौथ के लिए सुबह से महिलाओं ने पूजन की तैयारी की। घरों में नई डिजाइन की साड़ियों और शृंगार के साथ मिटटी के भगवान शिव पार्वती व भगवान गणेश की मूर्ति बनाकर पूजा की। इसके बाद निर्धारित समय से चांद के दीदार का इंतजार किया। चांद का दीदार होते ही चलनी से दर्शन कर पति की पूजा की। इसके बाद व्रत का पारण हुआ। इस दौरान पूजन की फोटो व मैसेज मोबाइल में रात भर चलते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया। महिलाएं चलनी से पति के दीदार किए। इसके बाद मोबाइल से सेल्फी भी लिया। महंत दिव्य जीवनदास व कथावाचक नवलेश दीक्षित ने बताया कि इस बार करवा चौथ पर कृतिका नक्षत्र व सिद्ध योग होने से करवाचौथ बेहद खास रहा। पं. रामभजन भारद्वाज ने बताया कि करवा चौथ दांपत्य जीवन मेें एक दूसरे के प्रति प्रेम व समर्पण का उत्सव है। यह पति पत्नी के बीच समानता व सामंजस्य का अनुष्ठान है।
विज्ञापन
करवा चौथ के लिए सुबह से महिलाओं ने पूजन की तैयारी की। घरों में नई डिजाइन की साड़ियों और शृंगार के साथ मिटटी के भगवान शिव पार्वती व भगवान गणेश की मूर्ति बनाकर पूजा की। इसके बाद निर्धारित समय से चांद के दीदार का इंतजार किया। चांद का दीदार होते ही चलनी से दर्शन कर पति की पूजा की। इसके बाद व्रत का पारण हुआ। इस दौरान पूजन की फोटो व मैसेज मोबाइल में रात भर चलते रहे।
विज्ञापन