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अन्ना मवेशियों की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया
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फोटो=14-अन्ना मवेशी से परेशान होकर कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। अन्ना मवेशियों से परेशान औदहा और सकरौली के किसानों ने डीएम को पत्र सौंपकर अपनी पीड़ा बताई। इनसे निदान दिलाने की मांग की है।
औदहा के गिरीशधर द्विवेदी, श्याम नारायण, ज्ञान सिंह, लल्लूराम, शंकर दयाल, पुष्पा देवी, कल्याण, नत्थू, शिव प्रकाश, गिरजा शरण, अनिल मिश्रा, अंबिका, हीरलाल, लाला तिवारी, मकसूदन ने डीएम को बताया कि अन्ना मवेशियों के संरक्षण के लिए सचिव और प्रधान से कई बार मांग की, लेकिन ये ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव में घूम रहे अन्ना मवेशी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
उधर, सकरौली गांव के किसानों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। डीएम को पत्र सौंपकर मवेशियों की गोशाला में व्यवस्था करने की मांग की। बताया कि ज्वार, बाजरा, अरहर, मूंग उड़द की फसल तैयार है। किसान रात-दिन फसल की रखवाली करते हैं, जरा सा चूकने पर अन्ना मवेशी खेतों में घुसकर फसल चर जाते है।
इससे किसान परेशान हैं। कुबेर प्रसाद पाल ने बताया कि खेती ही किसानों के जीवन यापन का साधन है। इसके सहारे किसान परिवार पालते हैं। मवेशियों के कारण कई किसान तो खेतों की बुआई ही नहीं करते। इस मौके पर किसान विकास कुमार, रज्जन, भगवानदीन, जानकी, रामपाल, घसीटें, राजेंद्र प्रसाद भी मौजूद रहे।
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औदहा के गिरीशधर द्विवेदी, श्याम नारायण, ज्ञान सिंह, लल्लूराम, शंकर दयाल, पुष्पा देवी, कल्याण, नत्थू, शिव प्रकाश, गिरजा शरण, अनिल मिश्रा, अंबिका, हीरलाल, लाला तिवारी, मकसूदन ने डीएम को बताया कि अन्ना मवेशियों के संरक्षण के लिए सचिव और प्रधान से कई बार मांग की, लेकिन ये ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव में घूम रहे अन्ना मवेशी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
उधर, सकरौली गांव के किसानों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। डीएम को पत्र सौंपकर मवेशियों की गोशाला में व्यवस्था करने की मांग की। बताया कि ज्वार, बाजरा, अरहर, मूंग उड़द की फसल तैयार है। किसान रात-दिन फसल की रखवाली करते हैं, जरा सा चूकने पर अन्ना मवेशी खेतों में घुसकर फसल चर जाते है।
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इससे किसान परेशान हैं। कुबेर प्रसाद पाल ने बताया कि खेती ही किसानों के जीवन यापन का साधन है। इसके सहारे किसान परिवार पालते हैं। मवेशियों के कारण कई किसान तो खेतों की बुआई ही नहीं करते। इस मौके पर किसान विकास कुमार, रज्जन, भगवानदीन, जानकी, रामपाल, घसीटें, राजेंद्र प्रसाद भी मौजूद रहे।
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