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चित्रकूट :बोगी से गिरे यात्री के ऊपर से गुजर गई ट्रेन, महोबा के युवकों ने यात्री को पहुंचाया अस्पताल, जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने नहीं की मदद
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चित्रकूट। चलती ट्रेन से गिरे यात्री के ऊपर से ट्रेन गुजर गई। महोबा के युवकों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने मदद नहीं की।
ललितपुर जिला निवासी राजाराम यादव ने बताया कि वह चित्रकूट दर्शन करने आया था। 15 जुलाई की रात लगभग साढे़ तीन बजे चित्रकूट के प्लेटफार्म नंबर तीन पर आंबेडकर एक्सप्रेस से उतरते समय पैर फिसल गया और पटरी के नीचे चला गया। इसी बीच ट्रेन चल दी और वह पटरी के बीच में लेटा रहा। प्लेटफार्म पर मौजूद महोबा के पियूष अग्रवाल, विपिन यादव, विकास यादव, ऋषि यादव, अंकित व सत्यम ने आरोप लगाया कि जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने यात्री को बचाने का प्रयास नहीं किया। वे लोग यात्री को गोद में लेकर स्टेशन से बाहर निकले।
बताया कि 108 एंबुलेंस को फोन लगाया तो लगभग एक घंटे बाद वाहन आया तब यात्री को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्टेशन पर यात्रियों ने युवकों के साहस की प्रशंसा की। जीआरपी प्रभारी राकेश पाल ने बताया कि घटना की जानकारी बाद में मिली थी जब टीम पहुंची तो यात्री अस्पताल पहुंच चुका था। 108 एंबुलेंस के प्रोजेक्ट मैनेजर हिमांशु ने बताया कि वाहन पहुंचने में देरी नहीं हुई थी।
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ललितपुर जिला निवासी राजाराम यादव ने बताया कि वह चित्रकूट दर्शन करने आया था। 15 जुलाई की रात लगभग साढे़ तीन बजे चित्रकूट के प्लेटफार्म नंबर तीन पर आंबेडकर एक्सप्रेस से उतरते समय पैर फिसल गया और पटरी के नीचे चला गया। इसी बीच ट्रेन चल दी और वह पटरी के बीच में लेटा रहा। प्लेटफार्म पर मौजूद महोबा के पियूष अग्रवाल, विपिन यादव, विकास यादव, ऋषि यादव, अंकित व सत्यम ने आरोप लगाया कि जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने यात्री को बचाने का प्रयास नहीं किया। वे लोग यात्री को गोद में लेकर स्टेशन से बाहर निकले।
बताया कि 108 एंबुलेंस को फोन लगाया तो लगभग एक घंटे बाद वाहन आया तब यात्री को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्टेशन पर यात्रियों ने युवकों के साहस की प्रशंसा की। जीआरपी प्रभारी राकेश पाल ने बताया कि घटना की जानकारी बाद में मिली थी जब टीम पहुंची तो यात्री अस्पताल पहुंच चुका था। 108 एंबुलेंस के प्रोजेक्ट मैनेजर हिमांशु ने बताया कि वाहन पहुंचने में देरी नहीं हुई थी।
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