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धार्मिक दृष्टिकोण से हो चित्रकूट का विकास
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कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा करते मानसवक्ता मुरलीधर महराज व भक्तगण । संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। धर्मनगरी में चल रही श्रीराम कथा के मानस वक्ता मुरलीधर महराज ने शनिवार को भक्तों के साथ भगवान कामतानाथ की पूजा कर कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा की। उन्होंने कहा कि चित्रकूट का विकास धार्मिक दृष्टिकोण से ही होना चाहिए। पहले से चित्रकूट क्षेत्र में काफी बदलाव आया है।
रामनामी संकीर्तन के साथ भक्तों संग मानसवक्ता ने परिक्रमा लगाई। परिक्रमा मार्ग पर कई साधु-संतों से भी मिले और मंदिरों में माथा टेका। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के पवित्र स्थलों पर दर्शन मात्र से पुण्य मिलता है, इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व है। (संवाद)
धर्म युद्ध में कोई अपना-पराया नहीं होता
चित्रकूट। शहर के शंकर बाजार स्थित दाल मिल में चल रही भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास लखन महराज ने श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए उपदेश पर कहा कि धर्म युद्ध में कोई अपना पराया नहीं होता।
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कथा व्यास ने कहा कि जब कौरव पांडव के युद्ध में अर्जुन व्याकुल हो गए तो भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें जीवन के सार बताए। कहा कि आत्मा अमर है, उसे कोई मार नहीं सकता है। यह धर्म युद्ध है कोई अपना व पराया नहीं सब एक समान है। पापियों का अंत जरूर होना चाहिए। इस दौरान यजमान रामसेवक गुप्ता, अशोक गुप्ता, रमेश गुप्ता, संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे। (संवाद)
व्यक्ति को हमेशा सत्य का साथ देना चाहिए
चित्रकूट। शहर के केसरवानी धर्मशाला में चल रही भागवत कथा में तीसरे दिन कथा व्यास संजय कृष्ण ठाकुर ने कहा कि जब मनुष्य बहुत दुखी होता है तो उसे भगवान का सानिध्य प्राप्त होता है। व्यक्ति को जो सत्य है उसी का साथ देना चाहिए। भीष्म पितामह जानते थे कि दुर्योधन अधर्मी है फिर भी उसका साथ दिया। जिससे उन्होंने मृत्यु के समय बड़ा कष्ट पाया। इस मौके पर रामसंवारी, राकेश केशरवानी, राहुल, संजय व रामलखन बाबा आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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रामनामी संकीर्तन के साथ भक्तों संग मानसवक्ता ने परिक्रमा लगाई। परिक्रमा मार्ग पर कई साधु-संतों से भी मिले और मंदिरों में माथा टेका। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के पवित्र स्थलों पर दर्शन मात्र से पुण्य मिलता है, इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व है। (संवाद)
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धर्म युद्ध में कोई अपना-पराया नहीं होता
चित्रकूट। शहर के शंकर बाजार स्थित दाल मिल में चल रही भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास लखन महराज ने श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए उपदेश पर कहा कि धर्म युद्ध में कोई अपना पराया नहीं होता।
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कथा व्यास ने कहा कि जब कौरव पांडव के युद्ध में अर्जुन व्याकुल हो गए तो भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें जीवन के सार बताए। कहा कि आत्मा अमर है, उसे कोई मार नहीं सकता है। यह धर्म युद्ध है कोई अपना व पराया नहीं सब एक समान है। पापियों का अंत जरूर होना चाहिए। इस दौरान यजमान रामसेवक गुप्ता, अशोक गुप्ता, रमेश गुप्ता, संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे। (संवाद)
व्यक्ति को हमेशा सत्य का साथ देना चाहिए
चित्रकूट। शहर के केसरवानी धर्मशाला में चल रही भागवत कथा में तीसरे दिन कथा व्यास संजय कृष्ण ठाकुर ने कहा कि जब मनुष्य बहुत दुखी होता है तो उसे भगवान का सानिध्य प्राप्त होता है। व्यक्ति को जो सत्य है उसी का साथ देना चाहिए। भीष्म पितामह जानते थे कि दुर्योधन अधर्मी है फिर भी उसका साथ दिया। जिससे उन्होंने मृत्यु के समय बड़ा कष्ट पाया। इस मौके पर रामसंवारी, राकेश केशरवानी, राहुल, संजय व रामलखन बाबा आदि मौजूद रहे। (संवाद)