Chitrakoot: ट्रैफिक चौराहे के पास फिर चला बुलडोजर, अफसरों के साथ दुकानदारों की हुई नोकझोंक
ट्रैफिक चौराहे के चौड़ीकरण के लिए अवैध दुकानों पर प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई की। इसमें दौरान दुकानदारों की अफसरों के साथ जमकर नोकझोंक हुई। वहीं, दुकानदारों ने अधिकारियों पर जबरदस्ती करने के आरोप लगाए हैं।
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चित्रकूट जिले में ट्रैफिक चौराहे के चौड़ीकरण के लिए गुरुवार को फिर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। कई दुकानों और फुटपाथ के दुकानदारों से अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक हुई। कई बार बुलडोजर रोकना पड़ा। आखिर में नगर पालिका व प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी की एक न मानी और मानक के अनुसार अतिक्रमण को हटवाया।
गुरुवार को ट्रैफिक चौराहे के चौड़ीकरण के काम को आगे बढ़ाने के लिए नगर पालिका की टीम और ठेकेदार पहुंचे। दो बुलडोजर अतिक्रमण हटाने लगे तो दुकानदारों ने दुकान खाली करने का समय मांगा। इसे लेकर तीखी नोकझोंक हो गई।
हालात बिगड़ने की सूचना पर एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार के अलावा कोतवाल फोर्स लेकर पहुंचे। दुकानदारों ने कहा कि नापजोख हो चुकी है। इसी आधार पर ये दुकानें बनी हैं। अब इन्हें क्यों हटाया जा रहा है। यह प्रशासन की मनमानी है।
अधिकारियों और ईओ नगर पालिका ने कहा कि पहले ही इसकी सूचना दी जा चुकी है। जिस दुकानदारों के पास रजिस्ट्री है, वह दिखाए। उसे नहीं गिराया जाएगा। लगभग एक घंटे तक तीखी नोकझोंक के बीच दुकानदारों ने दुकानें खाली करने का समय मांगा।
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय नहीं दिया गया और जल्दबाजी में बुलडोजर से उनकी 50 साल पुरानी दुकानें ढहा दी गईं। गौरतलब है कि तीन माह पूर्व भी ट्रैफिक चौराहा चौड़ीकरण योजना के तहत इसी स्थान के चारों ओर की दुकानें व निर्माण को नापजोख के बाद हटाया गया है। चौराहे के चौड़ीकरण का काम जारी है।
पार्किंग के लिए हटाया अतिक्रमण
ईओ रामअचल कुरील ने कहा कि किसी के साथ जोर जबरदस्ती नहीं की गई। लोक निर्माण विभाग की बाउंड्रीवाल के अंदर की जगह अब पालिका व प्रशासन के पास है। इस पर टैक्सी पार्किंग बनाई जा रही है।
एक सुलभ शौचालय भी बन रहा है। चौराहा चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण को हटाया गया है। सभी को पहले दुकानें खाली करने के लिए कहा गया। सभी से दुकान व घर के कागजात भी मांगे गए, लेकिन जब कोई नहीं दिखा पाया तब ही इसे हटाया गया है।