{"_id":"63179833c858090bd86d8963","slug":"chitrakoot-in-the-shadow-of-danger-of-time-everyone-trusts-god-chitrakoot-news-knp7167541190","type":"story","status":"publish","title_hn":"चित्रकूटः वक्त खतरे के साये में, सब भगवान भरोसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चित्रकूटः वक्त खतरे के साये में, सब भगवान भरोसे
विज्ञापन
फोटो नंबर-10 आर- धर्मनगरी में कामदनाथ मंदिर मार्ग पर बने इस गेस्ट हाउस में भी नहीं अग्निशमन का इंतज?
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। धर्मनगरी में तीर्थयात्रियों व पर्यटकों के ठहरने के लिए आए दिन नए होटल लॉज व गेस्ट हाउस खुल रहे हैं पर इनमें मानकों की अनदेखी सार्वजनिक है। खासकर अचानक आग लगने की घटना से निपटने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं हैं। सभी जगह हरदम खतरा बना रहता है। सब भगवान भरोसे चल रहा है। इन सबका दावा है कि एनओसी भी मिली है। फायर ब्रिगेड के अधिकारी कहते हैं कि जब भी जांच करने पहुंचते हैं तो आग बुझाने के यंत्र और व्यवस्था नजर नहीं आती।
लखनऊ के लेवाना सुइट्स में हुए दर्दनाक हादसे के बाद मंगलवार को धर्मनगरी के होटल, लॉज व गेस्टहाउस में संभावित ऐसी घटना को लेकर उपायों को टटोला गया। धर्मनगरी के यूपी क्षेत्र में सात होटल, 12 गेस्ट हाउस व 10 लॉज में एनओसी तो है पर किसी के यहां भी पानी का टैंक नहीं है। सीढ़ियां व रास्ते मानक के अनुरूप नहीं हैं। आग बुझाने के यंत्र कई जगह लगे हैं पर ज्यादातर एक्सपायरी डेट के हैं। इनकी दोबारा रिफलिंग नहीं हुई है।
मंगलवार को फायर ब्रिगेड के जिला प्रभारी यतींद्र नाथ उमराव के नेतृत्व में दो टीमों ने जिले के होटल लॉज व गेस्टहाउस में आग से निपटने के पूर्व से किए गए उपायों का निरीक्षण किया। ज्यादातर स्थानों पर पूरे उपाय नहीं मिले। जिला प्रभारी ने बताया कि होटल के ऊपरी हिस्से में पानी का टैंक किसी में नहीं है। फायर स्टिंग ग्यूसर कई जगह सही मिले पर ज्यादातर एक्सपायरी डेट के हैं। एनओसी भी नहीं है। विभाग कई बार इन्हें नोटिस जारी कर चुका है लेकिन औपचारिकता के नाम पर गैस सिलिंडर टांग कर इसका जवाब दे दिया जाता है। होटल लॉज संचालन की एनओसी की अथारिटी फायर बिग्रेड के पास नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ के लेवाना सुइट्स में हुए दर्दनाक हादसे के बाद मंगलवार को धर्मनगरी के होटल, लॉज व गेस्टहाउस में संभावित ऐसी घटना को लेकर उपायों को टटोला गया। धर्मनगरी के यूपी क्षेत्र में सात होटल, 12 गेस्ट हाउस व 10 लॉज में एनओसी तो है पर किसी के यहां भी पानी का टैंक नहीं है। सीढ़ियां व रास्ते मानक के अनुरूप नहीं हैं। आग बुझाने के यंत्र कई जगह लगे हैं पर ज्यादातर एक्सपायरी डेट के हैं। इनकी दोबारा रिफलिंग नहीं हुई है।
विज्ञापन
मंगलवार को फायर ब्रिगेड के जिला प्रभारी यतींद्र नाथ उमराव के नेतृत्व में दो टीमों ने जिले के होटल लॉज व गेस्टहाउस में आग से निपटने के पूर्व से किए गए उपायों का निरीक्षण किया। ज्यादातर स्थानों पर पूरे उपाय नहीं मिले। जिला प्रभारी ने बताया कि होटल के ऊपरी हिस्से में पानी का टैंक किसी में नहीं है। फायर स्टिंग ग्यूसर कई जगह सही मिले पर ज्यादातर एक्सपायरी डेट के हैं। एनओसी भी नहीं है। विभाग कई बार इन्हें नोटिस जारी कर चुका है लेकिन औपचारिकता के नाम पर गैस सिलिंडर टांग कर इसका जवाब दे दिया जाता है। होटल लॉज संचालन की एनओसी की अथारिटी फायर बिग्रेड के पास नहीं है।

फोटो-9- होटलों में अग्निशमन यंत्रों की जानकारी लेते फायर बिग्रेड टीम के सदस्य। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT
विज्ञापन