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Chitrakoot News: चार भाइयों को तीन तीन साल की सजा
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चित्रकूट। अनुसूचित जाति के परिवार पर हमला करने के मामले में अदालत ने चार भाइयों को तीन-तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी को 8000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक जगतपाल ने बताया कि मऊ थाना के शेसासुबकरा निवासी अनुसूचित जाति की महिला दुईजी ने 8 मार्च 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि रात में ये लोग घर में सोए थे। 8 मार्च 2010 को सबेरे पांच बजे कुछ लोगों के आने की आहट पर वह पति के साथ कमरे से बाहर निकली। पड़ोसी गांव तिलौली निवासी राधेश्याम, दीपनारायण, विद्यासागर, लक्ष्मीनारायण, बालकृष्ण, अश्वनी कुमार, गोलू एवं बृजेश उसकी झोपड़ी में आग लगाकर जा रहे थे।
पति ने आग लगाने का कारण पूछा तो गाली गलौच कर मारपीट की। पति बेहोश हो गया। शोर मचाने पर बेटा छेदीलाल, बहू बिटोल भी मौके पर आ गए। इस पर हमलावरों ने सभी को पीटा और रिपोर्ट कराने पर पूरे परिवार को मार देने की धमकी दी।
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गुरुवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के स्पेशल जज दीप नारायण तिवारी ने गुरूवार को निर्णय सुनाया। राधेश्याम, बालकृष्ण, विद्यासागर, लक्ष्मीनारायण को तीन-तीन वर्ष सश्रम कारावास और प्रत्येक को आठ हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया गया।
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विशेष लोक अभियोजक जगतपाल ने बताया कि मऊ थाना के शेसासुबकरा निवासी अनुसूचित जाति की महिला दुईजी ने 8 मार्च 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि रात में ये लोग घर में सोए थे। 8 मार्च 2010 को सबेरे पांच बजे कुछ लोगों के आने की आहट पर वह पति के साथ कमरे से बाहर निकली। पड़ोसी गांव तिलौली निवासी राधेश्याम, दीपनारायण, विद्यासागर, लक्ष्मीनारायण, बालकृष्ण, अश्वनी कुमार, गोलू एवं बृजेश उसकी झोपड़ी में आग लगाकर जा रहे थे।
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पति ने आग लगाने का कारण पूछा तो गाली गलौच कर मारपीट की। पति बेहोश हो गया। शोर मचाने पर बेटा छेदीलाल, बहू बिटोल भी मौके पर आ गए। इस पर हमलावरों ने सभी को पीटा और रिपोर्ट कराने पर पूरे परिवार को मार देने की धमकी दी।
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गुरुवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के स्पेशल जज दीप नारायण तिवारी ने गुरूवार को निर्णय सुनाया। राधेश्याम, बालकृष्ण, विद्यासागर, लक्ष्मीनारायण को तीन-तीन वर्ष सश्रम कारावास और प्रत्येक को आठ हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया गया।