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चित्रकूट : घर लौटने लगे बाढ़ प्रभावित
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फोटो-13- मऊ में बाढ पीड़ितों को राहत सामग्री देते विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी । संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
मऊ/राजापुर। यमुना नदी का पानी उतरते ही बाढ़ पीड़ित अपने-अपने घर लौटने लगे। गांव पहुंचने पर किसी के घर की दीवार गिरी मिली तो किसी की गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया था। मवेशियों के टीकाकरण के कार्य में पशु विभाग की टीम जुट गई है। मऊ क्षेत्र में बाढ़ पीड़ित कई गांवों की बिजली की आपूर्ति चालू हो गई है। सफाई कर्मचारी सफाई करने में जुट रहे।
राजापुर व मऊ क्षेत्र में लगभग 50 गांव प्रभावित रहे हैं। पानी घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बाढ़ पीड़ितों को राहत किट प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है।
समाजसेवी भी गांवों में पहुंचकर सामग्री दे रहे हैं। बाढ़ प्रभावितों ने पक्के घर बनवाने व नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। मऊ क्षेत्र के मवई कला गांव के बाढ़ पीड़ित भोला, श्याम, मैयादीन, देवीदीन, लोटन आदि का कहना कि जिन बाढ़ पीड़ितों के पक्के मकान नहीं हैं, उन्हें आवास योजना में धनराशि दी जाए।
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बाढ़ पीड़ितों के नुकसान की जांच के लिए डीएम के आदेश के बाद टीम गठित कर दी गई है। तीन सदस्यीय दल में क्षेत्रीय लेखपाल, कृषि तकनीकी अधिकारी व बीमा कंपनी के अधिकारी को रखा गया है। बाढ़ पीड़ित लगभग 40 गांवों का सर्वे होगा। फसलों के नुकसान का आकलन किया जाएगा। 40 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर ही बीमा कंपनी मुआवजा देती है, जो फसल के अनुसार सर्वे करती है।
खाद्य सामग्री का किया गया वितरण
मऊ। बाढ़ पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने राशन सामग्री के साथ दैनिक उपयोग का सामान बाढ़ पीड़ितों को दिया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों का हर संभव मदद देने के लिए कहा।
सफाई के लिए लिखा पत्र
राजापुर। एसडीएम प्रमोद झा ने बाढ़ थमने के प्रभावित गांवों में मलबे व साफ-सफाई के लिए डीपीआरओ व बीडीओ को पत्र लिखा है। कहा है कि प्रभावित गांव में समय से सफाई कराई जाए। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को लगाया जाए। दवाओं का छिड़काव भी कराया जाए, ताकि संक्रामक बीमारियां न फैलें।
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राजापुर व मऊ क्षेत्र में लगभग 50 गांव प्रभावित रहे हैं। पानी घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बाढ़ पीड़ितों को राहत किट प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है।
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समाजसेवी भी गांवों में पहुंचकर सामग्री दे रहे हैं। बाढ़ प्रभावितों ने पक्के घर बनवाने व नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। मऊ क्षेत्र के मवई कला गांव के बाढ़ पीड़ित भोला, श्याम, मैयादीन, देवीदीन, लोटन आदि का कहना कि जिन बाढ़ पीड़ितों के पक्के मकान नहीं हैं, उन्हें आवास योजना में धनराशि दी जाए।
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बाढ़ पीड़ितों के नुकसान की जांच के लिए डीएम के आदेश के बाद टीम गठित कर दी गई है। तीन सदस्यीय दल में क्षेत्रीय लेखपाल, कृषि तकनीकी अधिकारी व बीमा कंपनी के अधिकारी को रखा गया है। बाढ़ पीड़ित लगभग 40 गांवों का सर्वे होगा। फसलों के नुकसान का आकलन किया जाएगा। 40 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर ही बीमा कंपनी मुआवजा देती है, जो फसल के अनुसार सर्वे करती है।
खाद्य सामग्री का किया गया वितरण
मऊ। बाढ़ पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने राशन सामग्री के साथ दैनिक उपयोग का सामान बाढ़ पीड़ितों को दिया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों का हर संभव मदद देने के लिए कहा।
सफाई के लिए लिखा पत्र
राजापुर। एसडीएम प्रमोद झा ने बाढ़ थमने के प्रभावित गांवों में मलबे व साफ-सफाई के लिए डीपीआरओ व बीडीओ को पत्र लिखा है। कहा है कि प्रभावित गांव में समय से सफाई कराई जाए। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को लगाया जाए। दवाओं का छिड़काव भी कराया जाए, ताकि संक्रामक बीमारियां न फैलें।

फोटो-12- मऊ में बाढ के बाद गांव की सड़कों की सफाई करते सफाईकर्मी । संवाद- फोटो : CHITRAKOOT